न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एमपी के अलग-अलग संभागों में अलग-अलग दिनांक से गेहूं की खरीदी (MSP Wheat Purchase) शुरू होगी, जानिए डिटेल..
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MSP Wheat Purchase | मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तारीखों का ऐलान हो गया है मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ हुई वर्चुअल बैठक के पश्चात खरीदी को लेकर तारीख की घोषणा की। पिछले वर्ष के समान ही इस वर्ष भी प्रदेश के अलग-अलग संभागों में अलग-अलग दिनांक से गेहूं की खरीदी का कार्य शुरू होगा। गेहूं उपार्जन को लेकर अंतिम तैयारीयों को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने के लिए पंजीयन (MSP Wheat Purchase) करवाने का समय दो दिन का और बचा है। इधर पंजीयन का अतिरिक्त दबाव होने के कारण उपार्जन पोर्टल बहुत धीमा चल रहा है। इससे किसानों को पंजीयन के लिए परेशानी और लंबा इंतजार सामना करना पड़ रहा है। एमपी में कब से होगी गेहूं खरीदी का कार्य एवं पंजीयन को लेकर क्या है महत्वपूर्ण जानकारी आइए जानते हैं..
एमएसपी पर गेहूं की खरीदी कि यह तारीख रहेगी
मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन (MSP Wheat Purchase) को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक की। कहा कि पंजीकृत किसानों के सत्यापन, उपार्जन केंद्रों पर बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था प्राथमिकता से पूरा कर लें। 16 मार्च से 5 मई के बीच इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में एमएसपी पर गेहूं खरीदी की जाएगी।
वहीं जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में 23 मार्च से 12 मई तक खरीदी होगी। किसान 7 मई तक पंजीयन (MSP Wheat Purchase) करा सकते हैं। सीएम ने कहा कि कलेक्टर उपार्जन समितियों के साथ नियमित बैठक कर समस्याओं का समाधान निकालें।
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की पंजीयन प्रक्रिया
MSP Wheat Purchase | रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु किसान पंजीयन प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू हुई थी। पंजीयन के लिए अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई है।
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाने का भरसक प्रयत्न किया। सरकार द्वारा गेहूं विक्रय हेतु पंजीयन ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र, जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र, सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन (MSP Wheat Purchase) केन्द्रों पर निशुल्क किया जा रहा है।
इसके अलावा एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क और लोक सेवा केन्द्रों पर नाम मात्र का शुल्क देकर गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन करवाया जा सकता है। प्रति पंजीयन हेतु राशि रू.50 से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा।
उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता संकलन
MSP Wheat Purchase | किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।
किसान पंजीयन (MSP Wheat Purchase) के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जनधन, अक्रियाशील, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।
पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह ज़रूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखे। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा।
यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान का बैंक खाता आसानी से उसके आधार नंबर से लिंक हो जाए एवं संबंधित बैंक द्वारा बैंक खाता एवं आधार की जानकारी NPCI को आधार आधारित भुगतान हेतु प्रेषित की जाए। बैंक खाते को आधार नंबर से लिंक कराने में किसान को कोई दिक्कत अथवा समस्या होने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए। : MSP Wheat Purchase
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आधार नंबर का वेरिफिकेशन
किसान को पंजीयन (MSP Wheat Purchase) कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। पंजीयन केन्द्र संचालनकर्ता UIDAI द्वारा निर्धारित स्पेसिफिकेशन (L-1 ) के बायोमेट्रिक डिवाईस क्रय कर प्रत्येक पंजीयन केन्द्रों पर लगाया जाना अनिवार्य होगा।
पंजीकृत किसान पंजीयनों का होगा सत्यापन
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के रकबा, फसल एवं फसल की किस्म का सत्यापन दिनांक 10/03/2026 तक निम्न श्रेणियों में किया जाना है। उन्होंने कहा कि शासन निर्देशानुसार ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान पंजीयनों (MSP Wheat Purchase) का समय-सीमा में शत-प्रतिशत सत्यापन करना सुनिश्चित करें। ताकि किसानों को उपार्जन में असुविधा का सामना न करना पड़े।
विगत वर्ष के पंजीयन से 50 प्रतिशत अधिक रकबा वाले, किन्तु 5 हेक्टेयर से अधिक पंजीकृत किसान, 5 हेक्टेयर से अधिक रकबा वाले किसान, सिकमी, बटाईदार, कोटवार वन पट्टाधारी किसान, वन पट्टाधारी किसानों के रकबे, फसल एवं फसल की किस्म का सत्यापन वन विभाग के अमले द्वारा किया जाएगा।
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पंजीयन में आने वाली समस्या और उनके समाधान | MSP Wheat Purchase
समस्या – किसान की भूमि एक से अधिक जिला/ग्राम में होने पर पंजीयन किस प्रकार किया जाएगा।
समाधान – यदि किसान की भूमि एक ही जिला के अन्य ग्रामों में है तो पंजीयन में दूसरे ग्राम की फसल के रकबे जोड़े जा सकेंगे। यदि किसान की भूमि किसी अन्य जिला में है तो किसान को अपनी समग्र सदस्य आईडी एवं आधार का उपयोग करते हुए दूसरे जिले में भी पंजीयन कराना होगा।
समस्या – किसान द्वारा विक्रय उपज का भुगतान किन बैंक खाते में किया जाएगा।
समाधान – प्रथमतः किसान के आधार से लिंक किए गए बैंक खाता में विक्रय उपज का भुगतान किया जाएगा। पंजीयन (MSP Wheat Purchase) में लिए गए बैंक खाते में विशेष परिस्थितियों में भुगतान की कार्यवाही की जाएगी।
समस्या – यदि किसान अपने मोबाइल से पंजीयन नहीं कर पा रहे हैं तो अन्य विकल्प क्या होंगे।
समाधान – सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों एवं एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क/कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क पर पंजीयन कराए जा सकेंगे।
समस्या – एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क /कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क द्वारा किस प्रकार पंजीयन किया जाएगा।
समाधान – एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क /कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क के पंजीयन (MSP Wheat Purchase) जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा सत्यापन उपरांत एनआईसी द्वारा जारी की गई लिंक से करना होगा।
समस्या – सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन कहां किए जा सकेंगे
समाधान – सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान को सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था स्तर पर स्थापित पंजीयन केन्द्रों पर पंजीयन करना होगा।
समस्या – किसान द्वारा दर्ज कराए गए नाम एवं भू-अभिलेख डाटा में दर्ज नाम में अंतर होने पर क्या करना होगा।
समाधान – किसान द्वारा दर्ज कराया गया नाम आधार से भिन्न है तो किसान को आधार केन्द्र/पोस्ट आफिस जाकर आधार में नाम संशोधित करना होगा। किसान द्वारा दर्ज कराया गया नाम भू-अभिलेख से भिन्न है तो किसान को राजस्व अधिकारी से सम्पर्क कर भू-अभिलेख में नाम संशोधित करना होगा। : MSP Wheat Purchase
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