जबरदस्त मुनाफे के लिए गर्मियों में करें भिंडी की खेती, अधिक पैदावार देने वाली वैरायटी के बारे में जानें..

गर्मी के सीजन के लिए भिंडी की कौन सी वैरायटी (Best (Ladyfinger Variety) पैदावार में बेहतरीन रहेगी आईए जानते हैं..

Best Ladyfinger Variety | फरवरी मार्च में रबी फसलों की कटाई के पश्चात सब्जी की खेती से गर्मियों में किसान साथी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। गर्मी के सीजन के लिए प्रमुख रूप से गिलकी, करेला, भिंडी और लौकी की खेती अच्छा फायदा देती है। इनमें से गर्मी के सीजन के लिए भिंडी की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का एक बेहतर जरिया है।

ऐसे में किसान इस सीजन में भिंडी की सही किस्म (Best Ladyfinger Variety) का चुनाव कर अच्छा उत्पादन और क्वालिटी दोनों पा सकते हैं। भिंडी की कुछ किस्म ऐसी है जिसमें न किट लगते हैं और नहीं कोई रोग होता है इन किस्मों को बोकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। अगर आप भी भिंडी की खेती करना चाहते हैं तो ऐसे ही एक वैरायटी के बारे में आईए सब कुछ जानते हैं..

यह है भिंडी की उन्नत वैरायटी 

गर्मी के सीजन में खेती (Best Ladyfinger Variety) से अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए किसान मूंग, उड़द, तील, मूंगफली के साथ-साथ सब्जियों की खेती को प्राथमिकता देते हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आए हो जाती है। सब्जियों की खेती के प्रति किसानों के रुझान को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक नए-नए वैरायटियां विकसित कर रही है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई ऐसी ही भिंडी की एक CT-106 वैरायटी है। यह घर के बगीचों और खेतों, दोनों के लिए एकदम सही किस्म है।

किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन CT-106 भिंडी के बीज (Best Ladyfinger Variety) बेच रहा है। इस बीज को एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं। साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं। CT-106 किस्म के बीज का 10 ग्राम का पैकेट फिलहाल 8 फीसदी की छूट के साथ मात्र 92 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम के वेबसाइट पर मिल जाएगा।

CT-106 भिंडी (Best Ladyfinger Variety) की विशेषताएं

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यह किस्म बुवाई के 3 से 4 महीने बाद तैयार हो जाती है। भिंडी की यह किस्म बेहद ही मुलायम होती है जो कि खाने में काफी स्वादिष्ट होती है। CT-106 की प्रति हेक्टेयर फसल करीब 1 हेक्टेयर फसल से 18 से 20 टन पैदावार होती है। साथ ही इसका डंठल लंबा होता है जिसके कारण इसकी तुड़ाई किसानों के लिए आसान होती है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि CT-106 भिंडी की एक खास किस्म है। यह एक ऐसी किस्म है जो कि रबी, खरीफ और जायद तीनों ही सीजन में उगाई जाती है। यह येलो मोजेक रोग के प्रतिरोधी है।

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इस प्रकार करें भिंडी की खेती 

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक ग्रीष्मकालीन भिण्डी की बुवाई का उपयुक्त समय फरवरी से मार्च है, भिण्डी की उन्नत किस्म CT-106 किस्म (Best Ladyfinger Variety) के अलावा किसान परभनी क्रांति, अर्का अभय, वी.आर.ओ.-5, वी.आर.ओ. -6, अर्का अनामिका आदि वैरायटी में से भी किसी का चयन करें। भिण्डी के बीज को बुवाई के पूर्व पीला मोजेक रोग से बचाव हेतु थायोमिथाक्जाम 30 एफ.एस. मात्रा 10 मिली या इमिडाक्लोप्रिड 48 एफ.एस. मात्रा 1.25 मिली प्रति किलो बीज की दर से उपचारित अवश्य करें।

बीज दर 20 से 22 किग्रा रखें एवं कतार से कतार की दूरी 25-30 सेमी, पौध से पौध की दूरी 15 से 20 सेमी एवं बीज (Best Ladyfinger Variety) की गहराई 2 से 3 सेमी से अधिक न रखें। खेत में भिण्डी की बुवाई के पूर्व 2 से 2.5 टन सड़ा हुआ गोबर का खाद मिट्टी में मिलाइये एवं रसायनिक उर्वरक नत्रजन, स्फुर, पोटाश 60 किग्रा, 30 किग्रा एवं 50 किग्रा प्रति हैक्टेयर की दर से उपयोग करें।

भिण्डी की बुवाई के समय ही नत्रजन की आधी मात्रा, स्फुर व पोटाश की पूरी मात्रा का उपयोग करें एवं शेष नत्रजन की आधी मात्रा को 30 से 40 दिन के अंतराल पर दो बार में उपयोग करें। गर्मी में 5-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई आवश्यक है, 10-12 दिन में निराई-गुड़ाई करें। : Best Ladyfinger Variety

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