गेहूं की बंपर आवक शुरू होने के पहले सरकार ने गेहूं को लेकर किया बड़ा फैसला, गेहूं के भाव पर यह पड़ेगा असर..

आने वाले गेहूं के सीजन में गेहूं के भाव (Wheat Prices) क्या रहने वाले हैं, आईए जानते हैं..

Wheat Prices | मार्च के महीने में गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है। मार्च में ही गेहूं समर्थन मूल्य (Wheat Support Price) पर गेहूं की खरीदी शुरू होने की संभावना है फिलहाल समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन (Registration) करवाए जा रहे हैं। वहीं इसी दौरान मंडियों में गेहूं की बंपर आवक होने लगेगी।

इसी बीच गेहूं की खेती (Wheat cultivation) करने वाले किसानों को गेहूं के भाव (Wheat Prices) को लेकर अभी से चिंता सताने लगी है‌ क्योंकि सीजन की शुरुआत के पहले ही गेहूं के भाव कम बने हुए हैं, जबकि आमतौर पर यह देखने में आता है कि इन दिनों गेहूं के भाव (Wheat Prices) उच्च स्तर पर होते हैं।

इधर दूसरी ओर सीजन की शुरुआत होने के पहले केंद्र सरकार ने गेहूं को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय का असर गेहूं के भाव (Wheat Prices) पर पड़ेगा। क्या है सरकार का निर्णय एवं गेहूं के भाव पर कितना असर पड़ेगा, आईए जानते हैं ..

केंद्र सरकार ने यह लिया निर्णय

गेहूं का सीजन शुरू होने के पहले केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार ने पहले से लागू नियमों को भी बरकरार रखा है। मई 2022 में जारी आदेश के अनुसार, अगर कोई देश भारत से अपनी खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए गेहूं की मांग करता है और केंद्र सरकार इसकी अनुमति देती है तो तय सीमा से अधिक मात्रा में भी निर्यात किया जा सकता है।

गेहूं निर्यात पर कसा रहेगा शिकंजा

केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात को लेकर अपना रुख साफ करते हुए नोटिफिकेशन जारी किया है कि गेहूं का निर्यात अभी भी बैन रहेगा, लेकिन जरूरत को देखते हुए 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं विदेश भेजने की सीमित अनुमति दी जाएगी। यह फैसला देश में खाद्य सुरक्षा और बाजार में उपलब्धता को ध्यान में रखकर लिया गया है।

गेहूं निर्यात शर्तों के अनुसार होगा

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने गेहूं निर्यात को लेकर नोटिफिकेशन जारी की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए नोटिफि‍केशन के अनुसार गेहूं से जुड़े दोनों प्रमुख श्रेणियों ITC (HS) कोड 10011900 और 10019910 में निर्यात नीति में कोई बड़ी छूट नहीं दी गई है। यानी व्यापारी अपनी मर्जी से गेहूं का निर्यात नहीं कर सकेंगे। सरकार ने सिर्फ एक विशेष प्रावधान के तहत तय मात्रा में निर्यात की इजाजत देने का फैसला लिया है।

इस नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया गया है कि 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं का निर्यात खुले बाजार के जरिए नहीं होगा। इसके लिए सरकार अलग से सार्वजनिक सूचना जारी करेगी। इसमें यह बताया जाएगा कि निर्यात कब, कैसे और किन शर्तों पर किया जाएगा। इससे सरकार को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि देश के भीतर गेहूं की आपूर्ति पर कोई असर न पड़े।

केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि गेहूं निर्यात की यह व्यवस्था केवल सरकार-से-सरकार के स्तर पर ही लागू होगी। मालूम हो कि इससे पहले केंद्र ने 13 फरवरी को बड़ा फैसला लेते हुए 25 लाख मीट्रि‍क टन गेहूं और 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उत्‍पाद के निर्यात को मंजूरी दी थी।

असमंजस्य में गेहूं कारोबारी, भाव में हुई गिरावट

सरकारी स्तर पर गेहूं के निर्यात को भले ही मंजूरी दिए जाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी हुआ है, लेकिन इस नोटिफिकेशन के पश्चात गेहूं का कारोबार करने वाले व्यापारी असमंजस्य में दिखाई दे रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नोटिफिकेशन के बाद भी मंडियों में गेहूं का भाव (Wheat Prices) लगातार गिर रहा है। सरकार के सीमि‍त निर्यात को मंजूरी देने के फैसले के बाद भी प्रमुख उत्‍पादक राज्‍यों की मंडियों में गेहूं के दाम (Wheat Prices) लगातार गिर रहे हैं।

गेहूं के भाव पर क्या पड़ेगा असर, जानिए

सरकार चालू रबी सीजन में गेहूं की रिकॉर्ड बुवाई और रिकॉर्ड उत्‍पादन को लेकर भी आश्वस्त है। सरकार ने गेहूं निर्यात को मंजूरी देने की वजह देश में पर्याप्‍त‍ भंडारण और घरेलू बाजार में इसकी घटती डिमांड और गिरते दामों को बताया है, सरकार ने तर्क दिया कि निर्यात से घरेलू डिमांड बढ़ेगी और किसानों को बेहतर (Wheat Prices) दाम मिलेंगे।

जबकि इसके विपरीत गेहूं के भाव (Wheat Prices) में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। गेहूं का शुरुआती सीजन किसानों के लिए नुकसान‌ वाला बन चुका है। गेहूं की भारी उपलब्धता के साथ नए गेहूं की भारी आवक में खरीदारों की कमी होने से सस्ते भाव पर भी व्यापार नहीं मिल रहा।

व्यापारी बताते हैं कि होली के बाद बंपर आवक में पानी लगा कमजोर कलर वाला गेहूं तो सस्ते से सस्ते भाव पर मुश्किल से बिकेगा। इस समय 95% गेहूं मिल क्वालिटी होने से आटा मिल की मांग भी कोई खास नहीं आ रही है। संभवत 15 मार्च से सरकारी समर्थन दाम की खरीदी शुरू होने के आसार है।

केंद्र सरकार का 2585 रुपए क्विंटल का खरीदी भाव भी तय है। गोदाम पुराने गेहूं से फूल भरे हुए हैं। एफसीआई के पास भी भारी मात्रा में गेहूं के साथ कारोबारियों के पास भी गेहूं डंप होने से भाव के हालात तो अभी से ही खराब बताए जाने लगे हैं।

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में गेहूं के दाम (Wheat Prices) में बढ़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। गेहूं कारोबारी के मुताबिक इस वर्ष मंडियों में बंपर सीजन के दौरान गेहूं के भाव Wheat Prices 1800 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक रह सकते हैं।

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1 thought on “गेहूं की बंपर आवक शुरू होने के पहले सरकार ने गेहूं को लेकर किया बड़ा फैसला, गेहूं के भाव पर यह पड़ेगा असर..”

  1. Sarkar udyog ptiyo ko spot krti h or kisano ko lutti h . Jse udyog pti apne mal ka praij khud Tay krta h apni lagt nikalkar fir kisan kyu nhi kar skta apni fasl ka ret tay

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