जायद में बोवनी के लिए बहुत फायदेमंद रहेगी सफेद तिल की यह नई वैरायटी, जानें तिल की खेती के बारे में सब कुछ..

गर्मियों में सफेद तिल की खेती (Sesame Cultivation) से किस किस प्रकार अधिक उत्पादन और लाभ कमा सकते हैं आईए जानते हैं..

Sesame Cultivation | अतिरिक्त कमाई के लिए किस साथी गर्मियों में अक्सर सब्जियों के साथ-साथ मूंग और तिल की खेती करना पसंद करते हैं। सफेद तिल की खेती भी किसानों को गर्मियों में अच्छा फायदा देती है। मूंग के समान ही इसकी फसल भी जल्दी पक कर तैयार हो जाती है। इससे किसानों को खरीफ सीजन की फसलों की तैयारी के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है।

तिल की खेती वैसे तो खरीफ सीजन में की जाती है, लेकिन सिंचित क्षेत्रों में किसान इसकी खेती (Sesame Cultivation) जायद सीजन यानी मार्च के आखिरी सप्ताह तक कर सकते हैं। यह किसानों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि इसकी खेती में लागत कम आती है और कम लागत में भी यह अच्छी पैदावार देती है। गर्मियों में तिल की खेती के लिए करने के लिए कौन सी वेरायटी सबसे बेहतर रहेगी एवं खेती का क्या है पूरा तरीका आईए जानते हैं..

गर्मी के लिए यह वैरायटी रहेगी बेस्ट | Sesame Cultivation

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च का महीने में तिल की खेती करना चाहते हैं तो इसकी GT-6 किस्म बेस्ट है। गुजरात तिल-6 किस्म जिसे GT-6 Sesame भी कहा जाता है। यह तिल की एक सफेद किस्म है, जो खरीफ सीजन में सिंचित पारिस्थिति के लिए उपयुक्त है।

यह किस्म अपनी गुणवत्ता और जल्दी पकने के लिए जानी जाती है। यह किस्म लगभग 85 से 90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यही कारण है कि दिल की यह वैरायटी (Sesame Cultivation) खरीफ और गर्मी के मौसम दोनों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। तिल की खेती से पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध हो जाता है।

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इस GT-6 वैरायटी की प्रमुख विशेषताएं | Sesame Cultivation

इस वैरायटी में तेल की मात्रा अधिक होती है। यह किस्म कुछ हद तक बीमारियों और कीटों के प्रति मध्यम सहनशीलता रखती है। रोग प्रतिरोधी और तेल की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों को इस वैरायटी का भाव अधिक मिलता है।

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GT-6 वैरायटी का बीज कहां मिलेगा

Sesame Cultivation | GT-6 यानी गुजरात तिल-6 किस्म तिल की एक खास वैरायटी है। किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन तिल की GT-6 यानी गुजरात तिल-6 किस्म का बीज बेच रहा है।‌इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं। साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तिल की गुजरात तिल-6 किस्म की खेती करना चाहते हैं तो इस किस्म के बीज का दो किलो का पैकेट फिलहाल 5 फीसदी की छूट के साथ 570 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा। इसे खरीद कर आप आसानी से तिल की खेती कर सकते हैं।

कैसे करें तिल की खेती (Sesame Cultivation)

तिल की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली चिकनी मिट्टी बेस्ट होती है। तिल की खेती में पानी की कम जरूरत पड़ती ही है। खेत की पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करें। इसके बाद तीन जुताई कल्टीवेटर या देसी हल से करके खेत की मिट्टी को भुरभुरा बना लें।‌ कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि 80 से 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर सड़ी हुई गोबर की खाद को आखिरी जुताई में मिला दें, इससे बुवाई और मिट्टी अच्छी रहेगी। तिल की खेती के दौरान किसान इस बात का ध्यान रखें कि खेत में खरपतवार ना हो।

Sesame Cultivation | तिल के क्या-क्या फायदे हैं, जानिए

तिल हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद होता है। तिल में कैल्शियम, डाइटरी प्रोटीन और अमीनो एसिड होते हैं, इससे हड्डियों का विकास होता है और तिल से हड्डियां मजबूत बनती है। यह न केवल आपकी हड्डियों को मजबूत करता है बल्कि आपकी मांसपेशियों को भी लाभ पहुंचाता है।

तिल में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट पदार्थ हैं होते हैं जो आपके शरीर में विभिन्न प्रकार की कोशिका क्षति को रोकने या धीमा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। : Sesame Cultivation

तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने में मदद करते हैं। लंबे समय तक ऑक्सीडेटिव तनाव मधुमेह सहित कई पुरानी स्थितियों के विकास में योगदान दे सकता है।

अगर आप रोजाना तिल का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करते हैं तो इससे आपका तनाव कम हो सकता है। यह स्ट्रेस दूर करने में आपकी मदद करता है। इसलिए जिन्हें अधिक तनाव की समस्या है वो रोजाना तिल का सेवन सीमित मात्रा में कर सकते हैं। : Sesame Cultivation

काले तिल में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो उच्च ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। तिल के तेल में मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड वसा और यौगिक सेसमीन रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए जाने जाते हैं।

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