ग्रीष्मकालीन कद्दू वर्गीय सब्जियों की बुवाई का यह सही समय, इनकी उन्नत वैरायटियों के बारे में जाने..

ग्रीष्मकालीन सब्जियों (Summer Vegetables Varieties) लौकी, कद्दू, करेला, तोरई, खीरा, टिण्डा की उन्नत वैरायटियों की जानकारी यहां देखें..

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Summer Vegetables Varieties | मार्च का दूसरा पखवाड़ा शुरू हो चुका है। रबी फसलों की कटाई का कार्य भी चल रहा है, कई खेत खाली हो चुके हैं। ग्रीष्मकाल के दौरान किसान अतिरिक्त आमदनी के लिए मूंग, तिल के साथ-साथ सब्जियों की खेती करना पसंद करते हैं। इस समय ग्रीष्मकालीन सब्जियों लौकी, कद्दू, करेला, तोरई, खीरा, टिण्डा की बुवाई का यह उपयुक्त समय है। ऐसे में आईए जानते हैं, इन सब्जियों की उन्नत वैरायटियों के बारे में..

मार्च अंत तक करें बुवाई

कृषि विशेषज्ञ बताते हैं की ग्रीष्मकालीन सब्जियां की खेती करने वाले किसान सब्जियों की मार्च के अंत तक हर हाल में कर दें। बुवाई के पश्चात 6 से 7 दिनों के अंतराल पर एवं आवश्यकतानुसार सिंचाई करें।

सब्जियों की उन्नत वैरायटियां | Summer Vegetables Varieties

ग्रीष्म काल में बोई जाने वाली सब्जियों की उन्नत वैरायटियां :–

लौकी – पूसा नवीन, पूसा संदेश, अर्का वहार, पूसा समृद्धि, पूसा संतुष्टि।

कद्दू- पूसा विश्वास, पूसा विकास।

करेला – पूसा विशेष, पूसा दो मौसमी ।

तोरई-पूसा सुप्रिया, पूसा चिकनी, पूसा नूतन, पूसा नसदार।

खीरा- पूसा संयोग, पूसा बरखा, पूसा उड़द ।

टिण्डा – पंजाब अर्का टिण्डा ।

तरबूज- अर्का मधु, हरा मधु ।

सब्जियों के बीज बुवाई की तकनीक

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक कद्दूवर्गीय सब्जियों (Summer Vegetables Varieties) के लिए बलुई दोमट मिट्टी तथा 6 से 7.5 पीएच मानवाली उपजाऊ भूमि उपयुक्त मानी जाती है। रोपाई से पहले बीजों को काबेंडाजिम या मैन्कोजेब 2 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से अवश्य उपचारित करना चाहिए। किसान अच्छी जुताई कर मिट्टी भुरभुरी बनाएं तथा मृदा जांच अनुसार गोबर खाद, कम्पोस्ट या उर्वरकों का प्रयोग करें।

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई हेतु खेत में सुविधा अनुसार नालियां या जमीन से उठी हुई क्यारियां तैयार कर लें। खेत में नालियां लगभग 40-50 सेमी चौड़ी तथा 30-40 सेमी गहरी नालियां बनायें। लम्बाई आवश्यकतानुसार रख सकते हैं। दो कतारों के मध्य बेल की बढ़वार के अनुसार 2 से 4 मीटर की दूरी रखें। : Summer Vegetables Varieties

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ग्रीष्मकालीन सब्जियां की बीज दर

Summer Vegetables Varieties | खीरा – 2 से 25 किग्रा, लौकी – 4 से 5 किग्रा, करेला – 5 से 6 किग्रा, तोरई – 45 से 5 किग्रा, कद्दू – 3 से 4 किग्रा, टिण्डा – 5 से 6 किग्रा, तरबूज – 4 से 45 किग्रा, खरबूज- 2.5 किग्रा।

ग्रीष्मकालीन सब्जियों के लिए खाद व उर्वरक

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बेल वाली सब्जियों में खेत की तैयारी के समय 15 से 20 टन प्रति हैक्टे. अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद का प्रयोग। नत्रजन 80 किग्रा, फॉस्फोरस 50 किग्रा, पोटाश 50 किग्रा/हैक्टे. की दर से उपयोग करें।

ग्रीष्मकालीन भिण्डी की खेती | Summer Vegetables Varieties

ग्रीष्मकालीन भिण्डी की बुवाई का उपयुक्त समय मार्च मा के अंत तक है। किसान भिण्डी की उन्नत किस्मों परभनी क्रांति, अर्का अभय, वी.आर.ओ.-5, वी.आर.ओ. -6, अर्का अनामिका आदि वैरायटियों में से किसी का चयन करें। भिण्डी के बीज को बुवाई के पूर्व पीला मोजेक रोग से बचाव हेतु थायोमिथाक्जाम 30 एफ.एस. मात्रा 10 मिली या इमिडाक्लोप्रिड 48 एफ.एस. मात्रा 1.25 मिली प्रति किलो बीज की दर से उपचारित अवश्य करें।

भिंडी की बुवाई के दौरान बीज दर 20 से 22 किग्रा रखें एवं कतार से कतार की दूरी 25-30 सेमी, पौध से पौध की दूरी 15 से 20 सेमी एवं बीज की गहराई 2 से 3 सेमी से अधिक न रखें। : Summer Vegetables Varieties

खेत में भिण्डी की बुवाई के पूर्व 2 से 2.5 टन सड़ा हुआ गोबर का खाद मिट्टी में मिलाइये एवं रसायनिक उर्वरक नत्रजन, स्फुर, पोटाश 60 किग्रा, 30 किग्रा एवं 50 किग्रा प्रति हैक्टेयर की दर से उपयोग करें। भिण्डी की बुवाई के समय ही नत्रजन की आधी मात्रा, स्फुर व पोटाश की पूरी मात्रा का उपयोग करें एवं शेष नत्रजन की आधी मात्रा को 30 से 40 दिन के अंतराल पर दो बार में उपयोग करें। : Summer Vegetables Varieties

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