अब तक किसान जिस यूरिया का उपयोग करते आ रहे थे, उसमें *नाइट्रोजन 46%* होती थी। नया यूरिया (Urea Gold) अब बाजार में… किसानों के लिए क्या बदला? जानिए सबकुछ….
Urea Gold | खेती किसानी में अधिकतर उत्पादन लेने के लिए 90 प्रतिशत किसान उर्वरक (Urea Gold) का प्रयोग करते है। फसल में उर्वरक का इस्तेमाल पौषक तत्वों की पूर्ति करने के लिए किया जाता है। केंद्र सरकार ने साल 2026 के बजट पेश होने से पहले देश के करोड़ों किसानों के लिए यूरिया उर्वरक के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने सल्फर कोटेड यूरिया के 40 किलो का बैग अब 254 रुपये में मिलेगा।
खास बात यह है कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। यह फैसला 1985 के उर्वरक (नियंत्रण) आदेश के तहत लिया गया है और आदेश जारी होने के दिन से लागू है। यह निर्धारित दाम चाय, कॉफी और रबर के बागानों के उत्पादकों के साथ-साथ अन्य किसानों को डीलरों, निर्माताओं, आयातकों और पूल हैंडलिंग एजेंसियों द्वारा की जाने वाली बिक्री पर लागू होगा। : Urea Gold
अब 254 रुपये में मिलेगा 40 किलो का बैग, सल्फर कोटेड यूरिया पर मुहर
मंत्रालय ने कहा कि उचित कीमत का उद्देश्य किसानों को निश्चित और नियंत्रित दर पर यूरिया उपलब्ध कराना है। सरकार ने यह भी कहा है कि तय अधिकतम मूल्य में जीएसटी या अन्य केंद्रीय/स्थानीय कर शामिल नहीं हैं। अगर ये लागू हों, तो अलग से लगाए जा सकते हैं।
बड़ी बात यह है कि छोटे पैकेज वाली यूरिया थैलियों के लिए डीलरों को अतिरिक्त पैकिंग चार्ज लेने की अनुमति है। इनमें 2 किलो की थैलियों के लिए 1.50 रुपये, 5 किलो की थैलियों के लिए 2.25 रुपये, 10 किलो की थैलियों के लिए 3.50 रुपये और 25 किलो की थैलियों के लिए 5.00 रुपये शामिल हैं। : Urea Gold
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है और इस पर संयुक्त सचिव फ्रैंकलिन एल. खोबंग के हस्ताक्षर हैं। सल्फर कोटेड यूरिया में नाइट्रोजन के साथ सल्फर की कोटिंग होती है। सल्फर पौधों के लिए बेहद जरूरी होता है। इसलिए जमीन में हो रही सल्फर की कमी को पूरा करने में मदद करती है।
इसके अलावा सल्फर पौधों में प्रोटीन बनाने और रोग से सुरक्षा करता है। इसके उपयोग से फसलों की उत्पादन बढ़ता है। सल्फर कोटेड यूरिया मिट्टी में उर्वरकता की कमी को दूर करता है। साथ ही सल्फर कोटेड यूरिया आर्थिक दृष्टि से और गुणवत्ता के हिसाब से मौजूदा नीम कोटेड यूरिया से बेस्ट है। यह यूरिया मिट्टी में सल्फर की कमी को दूर करता है। : Urea Gold
यह पौधों में नाइट्रोजन यूज एफिशिएंसी को बढ़ाता है। इससे फसल का उत्पादन बढ़ता है। इसके इस्तेमाल से उर्वरक की खपत भी कम होती है। साथ ही फसल की गुणवत्ता बढ़ती है। खास करके तिलहनी फसलों के लिए सल्फर बेहद जरूरी है। : Urea Gold
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