जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रदेश सरकार देगी 10 हजार रुपए प्रति एकड़ तक की सब्सिडी

जैविक खेती करने वाले किसानों को कैसे मिलेगा अनुदान? क्या है पूरी योजना (Organic Farming Scheme) आइए जानते है सबकुछ…

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Organic Farming Scheme | प्रदेश सरकार ने किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ी पहल की है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जो किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों को छोड़कर जैविक खेती अपनाएंगे,

उन्हें प्रति एकड़ 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता लगातार पांच वर्षों तक दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से खेती को टिकाऊ बनाने के साथ-साथ किसानों की आय में भी सुधार होगा। Organic Farming Scheme

राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार खेती को पर्यावरण के अनुकूल और लाभकारी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

उनका कहना है कि रासायनिक खेती के बढ़ते इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, इसलिए जैविक खेती Organic Farming Scheme को बढ़ावा देना समय की जरूरत बन गया है।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

सरकार का मानना है कि आज खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को कई बार उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। ऐसे में जैविक खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है। देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। Organic Farming Scheme

विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में लोग स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं और रसायन-मुक्त खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में जैविक खेती करने वाले किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ जाती है। सरकार का दावा है कि इस योजना से किसानों की आमदनी में स्थायी सुधार देखने को मिल सकता है।

जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

इस योजना के तहत किसानों को पूरी तरह प्राकृतिक तरीकों से खेती करनी होगी। इसमें जैविक खाद, गोबर खाद, कंपोस्ट और प्राकृतिक कीटनाशकों का उपयोग शामिल रहेगा। Organic Farming Scheme

सरकार चाहती है कि धीरे-धीरे राज्य में खेती का बड़ा हिस्सा जैविक प्रणाली में बदले, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता सुधरे और पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव कम हो सके। सरकार का मानना है कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के कम उपयोग से भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहेगी। साथ ही भूजल और पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी।

एपीडा (APEDA) से सर्टिफिकेशन जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी फसलों का सर्टिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए किसानों को एपीडा (APEDA) से प्रमाणन प्राप्त करना होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान वास्तव में जैविक तरीके से खेती कर रहे हैं। Organic Farming Scheme

सरकार का कहना है कि प्रमाणित जैविक उत्पादों की बाजार में अधिक विश्वसनीयता होती है। इससे किसानों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपज बेचने में आसानी होगी।

राज्य में बनेगी स्थानीय सर्टिफिकेशन व्यवस्था

किसानों की सुविधा को देखते हुए हरियाणा सरकार राज्य स्तर पर भी सर्टिफिकेशन व्यवस्था विकसित करने जा रही है। इसके तहत हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी को जैविक खेती का प्रमाणन करने के लिए अधिकृत किया जाएगा। Organic Farming Scheme

इससे किसानों को बाहर जाकर सर्टिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय के साथ-साथ खर्च की भी बचत होगी। सरकार का मानना है कि आसान प्रक्रिया होने से अधिक किसान जैविक खेती की ओर आकर्षित होंगे।

800 एकड़ जमीन पर होगी जैविक खेती

सरकार ने कृषि विभाग की लगभग 800 एकड़ जमीन को जैविक खेती के लिए उपयोग करने का फैसला भी लिया है। यह जमीन उन किसानों को पट्टे पर दी जाएगी जो कम से कम 10 वर्षों तक जैविक खेती करने के लिए तैयार होंगे। सरकार का उद्देश्य इस पहल के जरिए राज्य में जैविक खेती का मजबूत मॉडल तैयार करना है, ताकि अन्य किसान भी इससे प्रेरित होकर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। Organic Farming Scheme

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