कृषि वैज्ञानिकों ने दी बचाव की सलाह ! मूंग-उड़द पर पीतशिरा और फली छेदक का हमला, जाने इससे बचाव के उपाय…

फसल में बीमारी और कीट के हमले से परेशान किसानों को कृषि वैज्ञानिकों Moong-Urad Agricultural Advice ने दी बचाव की सलाह…

 

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।

Moong-Urad Agricultural Advice | मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द की फसल में पीतशिरा रोग और फली छेदक कीट के प्रकोप की जानकारी सामने आई है। फसल में बीमारी और कीट के हमले से परेशान किसानों ने क्षेत्र भ्रमण पर पहुंची कृषि विभाग की टीम को अपनी समस्या बताई। इसके बाद कृषि अधिकारियों ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक से संपर्क कर किसानों को मौके पर ही फसल बचाने के उपाय बताए।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों ने बताया कि मूंग और उड़द की फसल में पीतशिरा रोग दिखाई दे रहा है. इस रोग के कारण पौधों की पत्तियों और पूरी फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है.समय रहते रोगग्रस्त पौधों को अलग नहीं किया गया तो संक्रमण दूसरे पौधों तक फैलने का खतरा रहता है।

किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कृषि अधिकारीयों पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने मौके से ही कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ए.के. सिंह से संपर्क किया.वैज्ञानिक ने फसल की स्थिति को देखते हुए किसानों को रोग और कीट नियंत्रण के संबंध में जरूरी सलाह दी। Moong-Urad Agricultural Advice

कृषि अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी कि पीतशिरा रोग से प्रभावित पौधों को उखाड़कर मिट्टी में दबा दें। इसका उद्देश्य रोग के आगे फैलाव को रोकना है। इसके साथ ही रोग के प्रसार को रोकने के लिए विभागीय सलाह के अनुसार बुप्रोफेजिन 32 प्रतिशत + क्लोथियानिडिन 12 प्रतिशत डब्ल्यूजी की 100 ग्राम अथवा थायमेथोक्साम 50 प्रतिशत डब्ल्यूजी की 80 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने की सलाह दी गई।

कृषि अधिकारियों ने किसानों को यह भी कहा कि किसी भी दवा का इस्तेमाल अपनी तरफ से अधिक मात्रा में न करें और फसल की स्थिति के अनुसार कृषि विभाग या कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लें। फसल में बीमारी और कीट के हमले से परेशान किसानों को कृषि वैज्ञानिकों Moong-Urad Agricultural Advice ने दी बचाव की सलाह…

फली छेदक कीट से भी फसल को नुकसान

मूंग और उड़द की फसल में फली छेदक कीट का प्रकोप भी किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। यह कीट फलियों को नुकसान पहुंचाकर दाने बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे फसल की उपज पर सीधा असर पड़ने की आशंका रहती है। Moong-Urad Agricultural Advice

फली छेदक कीट के नियंत्रण के लिए किसानों को क्विनालफॉस 25 प्रतिशत ईसी की 150 मिली प्रति एकड़ की दर से 150 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई। 

इसके अलावा फली छेदक के नियंत्रण के लिए पूर्व मिश्रित कीटनाशी क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 9.3 प्रतिशत + लैम्ब्डा-सायहेलोथ्रिन 4.6 प्रतिशत जेडसी की 80 मिली अथवा नोवाल्यूरॉन 5.25 प्रतिशत + इंडोक्साकार्ब 4.5 प्रतिशत एससी की 330 मिली प्रति एकड़ की दर से 150 से 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव की सलाह दी गई। Moong-Urad Agricultural Advice 

धान की फसल में कीटों से बचाव की सलाह

क्षेत्र भ्रमण के दौरान कृषि अधिकारियों ने केवल मूंग और उड़द ही नहीं, बल्कि धान की फसल में कीट प्रबंधन को लेकर भी किसानों को जानकारी दी.धान में भूरा, सफेद और हरा फुदका जैसे कीट फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। Moong-Urad Agricultural Advice

इनके नियंत्रण के लिए पायरीप्रॉक्सीफेन 11.3 प्रतिशत + इमिडाक्लोप्रिड 1.9 प्रतिशत कीटनाशी की 400 मिली प्रति एकड़ की दर से छिड़काव की सलाह दी गई।

धान में पत्ती मोड़क और तना छेदक कीटों के नियंत्रण के लिए भी अनुशंसित कीटनाशियों का इस्तेमाल करने और 150 से 200 लीटर पानी प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने की सलाह किसानों को दी गई। Moong-Urad Agricultural Advice

मक्का में फॉल आर्मीवर्म का खतरा

मक्का की फसल में फॉल आर्मीवर्म से बचाव के लिए भी किसानों को जरूरी जानकारी दी गई। इसके नियंत्रण के लिए डेल्टामेथ्रिन 18.18 प्रतिशत एससी की 100 मिली अथवा पूर्व मिश्रित कीटनाशी क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 6.5 प्रतिशत + थायमेथोक्साम 5 प्रतिशत की 300 मिली प्रति एकड़ आदि अनुशंसित कीटनाशियों के उपयोग की सलाह दी गई। Moong-Urad Agricultural Advice

कृषि अधिकारियों ने बताया कि कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर किसान फसल की स्थिति के अनुसार समय पर नियंत्रण के उपाय करें। छिड़काव के लिए 150 से 200 लीटर पानी प्रति एकड़ की दर रखने की सलाह दी गई.

कृषि वैज्ञानिकों से करें संपर्क

अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने किसानों से अपील की कि फसल में किसी भी तरह के रोग या कीट के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें। किसान तत्काल कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। Moong-Urad Agricultural Advice

उन्होंने किसानों को अनुशंसित कीटनाशियों का निर्धारित मात्रा में ही इस्तेमाल करने की सलाह दी। समय पर बीमारी और कीट की पहचान होने से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।

नोट: कीटनाशक और फफूंदनाशक की मात्रा विभाग की जानकारी के अनुसार दी गई है। खबर प्रकाशित करने से पहले स्थानीय कृषि विभाग और दवा केलेबल पर दी गई नई सलाह की जांच जरूर कर लें। Moong-Urad Agricultural Advice

कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।

ये भी पढ़े ..सोयाबीन में पीला मोजेक रोग का बढ़ा खतरा, किसान तुरंत करें बचाव, कृषि विभाग ने दी जानकारी…

किसानों के लिए राहत भरी खबर, अच्छी उपज के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने दी यह खास सलाह, देखें डिटेल..

केंद्र सरकार ने शुरू की समृद्ध गांव योजना, हर परिवार की जरूरत के अनुसार मिलेगा लाभ, देखें डिटेल…

कस्टम हायरिंग सेंटर योजना की लिस्ट हुई जारी, किन्हें मिला लाभ देखें..

प्रिय किसानों…!  चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।

Leave a Comment