सेवा सहकारी संस्थाओं से ऋण (Cooperative Society Loan) लेने वाले कई किसान डिफाल्टर हो गए हैं किसानों ने सरकार से यह मांग की है..
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Cooperative Society Loan | मध्य प्रदेश सरकार 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मान रही है। प्रदेश सरकार के द्वारा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए कई प्रकार के कार्य किया जा रहे हैं। सिंचाई परियोजनाओं में बढ़ोतरी की जा रही है, वहीं किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरसों पर भावांतर योजना, उड़द पर बोनस और अन्य आर्थिक लाभ दिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद किसानों की चिंताएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
प्रदेश का अन्नदाता किसान इस बार दोहरी नहीं, बल्कि तिहरी मार झेल रहा है-प्रकृति की बेरुखी, बाजार की अस्थिरता, व्यवस्था की सख्ती। आलम यह है कि प्रदेश के लाखों किसान सेवा सहकारी संस्थाओं से लिया गया फसल ऋण चुकाने में असमर्थ हैं। वे डिफॉल्टर हो गए हैं। क्योंकि ऋण का भुगतान करने की अंतिम तिथि 28 मार्च निर्धारित थी। Cooperative Society Loan
28 मार्च के पश्चात अब इन किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज का लाभ नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं डिफॉल्टर होने के बाद 7 प्रतिशत ब्याज लगेगा। पेनल्टी का भार भी बढ़ेगा। इधर सहकारी सोसायटियों के माध्यम से किसानों से वसूली की जा रही है। किसानों का किस प्रकार से नुकसान होगा एवं किसानों ने इसके लिए सरकार से क्या मांग की है, आईए जानते हैं..
हर महीने में डबल होती जाएगी पेनल्टी
यदि कोई किसान 28 मार्च के बाद एक महीने में एक लाख रुपए का ऋण चुकाता है, तो उसे 7 हजार रुपए वार्षिक ब्याज के साथ करीब 1150 रुपए (14% पेनल्टी) अतिरिक्त देने होंगे। कुल 8150 रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यदि भुगतान अप्रैल में भी नहीं हो पाया, तो मई में पेनल्टी दोगुनी हो जाएगी। यह हर महीने बढ़ती जाएगी। ब्याज स्थिर रहेगा। इससे किसानों पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ेगा। Cooperative Society Loan
ऋण जमा करने के समय ही गलत
सोसायटी के द्वारा किसानों को दो फसलों खरीफ सोयाबीन और रबी गेंहू पर ऋण वितरण किया जाता है। खरीफ फसल सोयाबीन का ऋण 28 मार्च एवं रबी फसल गेंहू का ऋण 30 जून तक जमा करना होता है। Cooperative Society Loan
रबी फसल गेहूं का ऋण जमा का समय 30 जून तक किसानो के लिए है, जो कि उचित है। किंतु खरीफ फसल सोयाबीन का ऋण जमा का समय 28 मार्च तक है, जो किसानों के लिए अनुकूल नहीं है, क्योंकि खरीफ सीजन की फसल सोयाबीन अक्टूबर में आ जाती है और नवंबर दिसम्बर जनवरी में बेचने के बाद वह पैसा खर्च हो जाता है। Cooperative Society Loan
यही कारण है कि मार्च महीने में किसानों के पास ऋण जमा करने के लिए पैसा नहीं रहता। किसान बताते हैं कि खरीफ फसल सोयाबीन का ऋण जमा करने का समय 30 जनवरी करना चाहिए, ताकि नवम्बर दिसम्बर जनवरी में फसल बेचकर ऋण 30 जनवरी तक जमा कर सके और ऋण जमा करने के बाद वापस उसे 2-3 दिन बाद वापस उसे नया ऋण दे देना चाहिए और उसे जमा करने के बाद नया ऋण लेने के लिए 15-20 दिन का अंतर नहीं होना चाहिए। Cooperative Society Loan
ऋण अदायगी की मियाद बढ़ाने की मांग
किसानों का कहना है कि यदि सरकार ऋण अदायगी की मियाद बढ़ा देती, तो वे गेहूं बेचकर कर्ज चुका सकते थे। भारतीय किसान संघ ने 6 फरवरी को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात में की थी। संघ ने 31 अप्रैल तक समय बढ़ाने की मांग भी रखी थी, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। Cooperative Society Loan
इधर गेहूं खरीदी 10 अप्रैल से शुरू होगी
इधर, एमपी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी करने की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल व नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से, अन्य संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू होगी। SOP में उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के हित में सुगम बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। Cooperative Society Loan
इसमें उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाएं, किसानों का पंजीयन, तौल व्यवस्था, भंडारण एवं भुगतान प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जारी SOP का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उपार्जन कार्य समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। Cooperative Society Loan
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
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