मध्यप्रदेश में कब होगी गेहूं की खरीदी (Wheat Purchase) एवं क्या है खरीद की प्रक्रिया, आइए जानते है।
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Wheat Purchase | मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद की नई तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। पहले जहां यह खरीद 1 और 7 अप्रैल से अलग-अलग संभागों में शुरू होने वाली थी, वहीं अब इसे संशोधित कर नई तारीखों के अनुसार लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट समिति की उच्च स्तरीय बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार ने प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और फसल की आवक को ध्यान में रखते हुए गेहूं उपार्जन (Wheat Purchase) प्रक्रिया को दो चरणों में शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दो चरणों में होगी गेहूं की खरीद (Wheat Purchase)
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश को दो हिस्सों में बांटकर खरीदी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहले चरण में 10 अप्रैल 2026 से इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में गेहूं की खरीद शुरू होगी।
वहीं दूसरे चरण में 15 अप्रैल 2026 से ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल सहित शेष सभी संभागों में खरीदी (Wheat Purchase) शुरू की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य यह है कि जिन क्षेत्रों में फसल पहले तैयार हो रही है, वहां समय पर खरीदी शुरू हो सके और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
इसलिए गेहूं खरीद की तारीख बढ़ाई गई..
गेहूं की खरीदी (Wheat Purchase) टालने की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली वजह ईरान-इजरायल युद्ध को बताया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी इस संकट के कारण जूट के नए बोरों की सप्लाई प्रभावित हुई है। बारदाने की भारी कमी को देखते हुए सरकार ने अब 4 करोड़ सिंगल यूज बोरों के लिए टेंडर जारी किए हैं, ताकि किसानों का अनाज भरने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा सके।
गेहूं खरीदी (Wheat Purchase) की तारीखें बार-बार बदलने से किसान मुश्किल में हैं। मंडियों में फिलहाल गेहूं के दाम 2200 से 2450 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहे हैं। अगर किसान मजबूरी में अभी मंडी में फसल बेचता है, तो उसे सराकरी समर्थन मूल्य की तुलना में प्रति क्विंटल 200 से 400 रुपए का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों को मिलेगा अतिरिक्त बोनस का लाभ
Wheat Purchase | इस बार राज्य सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए गेहूं खरीद पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। केंद्र सरकार द्वारा तय MSP के ऊपर यह बोनस किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इस निर्णय के बाद अब मध्य प्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। यह बढ़ा हुआ मूल्य किसानों की आय में सीधा इजाफा करेगा और उन्हें बेहतर मुनाफा दिलाने में सहायता करेगा।
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रिकॉर्ड संख्या में किसानों ने कराया पंजीयन | Wheat Purchase
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीयन कराया है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने MSP पर गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। यह संख्या दर्शाती है कि किसान अब सरकारी खरीदी प्रणाली पर भरोसा जता रहे हैं।
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खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश
Wheat Purchase | सरकार ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही भंडारण क्षमता, परिवहन व्यवस्था और लॉजिस्टिक्स को भी मजबूत किया जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि किसानों को केंद्रों पर किसी प्रकार की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाए।
समय पर मिलेगा भुगतान
Wheat Purchase | राज्य सरकार डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान बिना किसी देरी के सीधे उनके बैंक खातों में मिल सके। इसके अलावा खरीदी प्रक्रिया की निगरानी के लिए मजबूत तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या देरी को रोका जा सके।
खाद्य सुरक्षा पर भी जोर
Wheat Purchase | बैठक में वैश्विक परिस्थितियों, खासकर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को देखते हुए खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा मजबूत बनी रहे और किसी भी स्थिति में आपूर्ति प्रभावित न हो। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सुव्यवस्थित और पारदर्शी गेहूं खरीदी से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
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