गेहूं उपार्जन को लेकर स्लाट बुकिंग Wheat Slot Booking की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, अभी इसमें समस्याएं आ रही है, देखें सरकार की नई गाइडलाइन..
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
Wheat Slot Booking | मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट की बुकिंग का कार्य शुरू हो चुका है। स्लॉट की बुकिंग के पश्चात 10 अप्रैल से खरीदी शुरू होने वाली है लेकिन इस बीच स्लॉट की बुकिंग के दौरान किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल स्लॉट की बुकिंग छोटे किसानों के लिए उपलब्ध है। बताया जा रहा है कि 10 बीघा से अधिक के खाते वालों किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं। वहीं दूसरी और सरकार ने उपज खरीदी के लिए मात्रा भी निर्धारित कर दी है सरकार ने क्या नई गाइडलाइन जारी की है, आईए जानते हैं..
इस प्रकार से होगी स्लॉट की बुकिंग
प्रदेश में गेहूं की खरीदी 10 अप्रैल से 2625 रुपए प्रति क्विंटल के मान से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में शुरू होगी। वहीं 15 अप्रैल से प्रदेश के बाकी सभी संभागों में उपार्जन शुरू होगा। Wheat Slot Booking
केंद्र सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार 40 रुपए बोनस के रूप में दे रही है, जिसे मिलकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल में गेहूं में खरीदी होगी।
इस बार खरीदी प्रक्रिया में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा, उसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी। यही कारण है कि फिलहाल 10 बीघा से अधिक के रकबे वाले किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं। Wheat Slot Booking
गेहूं खरीदी की मात्रा भी निर्धारित हुई
मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का कार्य आखिरकार 10 अप्रैल से शुरू होने वाला है। गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट की बुकिंग 7 अप्रैल से शुरू हो गई है। इस बार सरकार छोटे किसानों को खरीदी में प्राथमिकता दे रही है छोटे 10 बीघा से कम की कृषि भूमि वाले किसानों के स्लॉट बुक हो रहे हैं। Wheat Slot Booking
इसके अतिरिक्त सरकार ने प्रति बिगहा उपज खरीदी के लिए सीमा निर्धारित कर दी है। बताया जा रहा है कि प्रति बिघा 8.50 क्विंटल गेहूं अर्थात प्रति हेक्टेयर 42.5 क्विंटल गेहूं की ही खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
यह है गेहूं खरीद की नई गाइडलाइन
किसान 7 अप्रेल से अपनी सुविधा अनुसार किसी भी सप्ताह का चयन कर फसल बेचने के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। Wheat Slot Booking
व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए टोकन अब खरीद केंद्रों की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय की मंजूरी के बाद जारी किए जाएंगे, ताकि दैनिक क्षमता का पूर्ण उपयोग हो और किसानों को इंतजार न करना पड़े।
सह-खातेदारों और बटाईदारों के लिए नियम सरल किए गए हैं। अब भूमि मालिक या सह-खातेदार की सहमति आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से ली जा सकेगी। भुगतान केवल पंजीकृत किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में ही किया जाएगा। Wheat Slot Booking
70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को मनोनीत कर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से फसल बेच सकेंगे।
गिरदावरी के आधार पर उपज की सीमा तय की गई है। यह सीमा प्रति हेक्टेयर 42.5 क्विंटल निर्धारित की गई है। Wheat Slot Booking
जिला कलक्टरों को खरीद संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
ये भी पढ़े 👉 एमपी में गेहूं खरीदी को लेकर स्लॉट की बुकिंग नहीं हुई शुरू, कब से होगी खरीदी एवं क्या रहेगी प्रक्रिया, जानिए..
एमपी के कई जिलों में बारिश ने फसलों को पहुंचा भारी नुकसान, मुआवजे के लिए तत्काल करें यह कार्य..
प्रिय किसानों…! चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।
नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





