देश में 4 दिन पहले 26 मई को केरल पहुंचेगा मानसून। मप्र. में कहां से एंट्री करेगा मानसून (MP Monsoon 2026) एवं कहां कितनी बारिश के आसार। जानिए।
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MP Monsoon 2026 | मौसम विभाग के मुताबिक मानसून तय समय से 4 दिन पहले 26 मई को केरलम पहुंच सकता है। इसके बाद यह आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार मध्यप्रदेश में मानसून 10 से 16 जून के बीच दस्तक दे सकता है। अनुमान है कि मानसून (MP Monsoon 2026) प्रदेश के पश्चिमी हिस्से-खंडवा, खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर के रास्ते एंट्री ले सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य बारिश होने की संभावना है। औसतन 30 से 32 इंच बारिश हो सकती है। भोपाल, विदिशा और सीहोर में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान है, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में सामान्य या उससे कम बारिश हो सकती है।
कई जिलों में बारिश, गेहूं भीगा
इधर, मानसून (MP Monsoon 2026) की आहट के बीच प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। शुक्रवार शाम कटनी में तेज आंधी के साथ ओले गिरे। उमरिया में बारिश से खरीदी केंद्रों में रखा गेहूं भीग गया। डिंडौरी के मेहदवानी और शहपुरा क्षेत्र में भी तेज आंधी-बारिश हुई, जिससे तापमान में 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
अभी खंडवा सबसे गर्म, पारा 41.1 डिग्री पहुंचा | MP Monsoon 2026
हालांकि, प्रदेश में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में खंडवा सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाजापुर में 44.6 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री और रतलाम-नौगांव में 44 डिग्री तापमान रहा। भोपाल में 42.8 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री, इंदौर और जबलपुर में 41.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मई के 14 में से 12 दिन बदला मौसम
MP Monsoon 2026 | प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हुआ था। मई के पहले 14 दिनों में से 12 दिन कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओलावृष्टि हुई। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और टर्फ सिस्टम के असर से लगातार मौसम बदलता रहा। मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी 10 मई तक प्रदेश में बारिश हुई।
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कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और टर्फ का। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई। 11 मई को आंधी-बारिश का दौर थमा। लेकिन 12, 13-14 मई को फिर मौसम का मिजाज बदल गया। इस तरह मई के 14 में से 12 दिन आंधी, बारिश या ओलावृष्टि का असर रहा। शुक्रवार को कहीं भी बारिश (MP Monsoon 2026) का अलर्ट नहीं है।
अन्य राज्यों में कब दस्तक देगा मानसून | MP Monsoon 2026
इस बार, कमजोर मानसून, सूखे और हीटवेव की आशंका ज्यादा हो गई है। सुपर अल नीनो की वजह से मानसूनी हवाएं दिशा बदल सकती हैं। इसके असर से भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में बारिश कम होगी और भीषण गर्मी पड़ेगी। भारत में सामान्य रूप से मानसून की एंट्री 1 जून को केरलम से होती है। इस बार यह अन्य प्रदेशों में भी जल्द पहुंचेगा।
राजस्थान में इसके 20 जून, मध्य प्रदेश में 12 जून, उत्तर प्रदेश में 18 जून और बिहार में 8-10 जून के बीच पहुंचने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और विदर्भ में आज हीटवेव का अलर्ट है। इन राज्यों के कई जिलों में तापमान 46°C-47°C के बीच पहुंच सकता है। मध्य प्रदेश-विदर्भ में आज रात में भी लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
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मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
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