मोबाइल से एग्रीस्टैक आईडी (Farmer Id) कैसे बनाएं? आइये आर्टिकल में जानते है इसकी स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस।
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Farmer Id | सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ अब किसानों को और आसानी से मिलेगा, बशर्ते उनके पास फार्मर आईडी हो। यह एक विशेष पहचान पत्र है जिसके जरिए किसान बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और अनुदान का सीधा फायदा उठा सकते हैं।
कई बार जरूरी दस्तावेजों और जानकारी की कमी के चलते किसान योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं, लेकिन फार्मर आईडी (Farmer Id) बनने के बाद यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। अगर आप भी एक किसान हैं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो फार्मर आईडी बनवाना आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं फार्मर आईडी क्या है, इसके क्या फायदे हैं और स्टेप बाय स्टेप इसे कैसे बनाया जा सकता है।
किसानों के लिए क्यों ज़रूरी है फार्मर आईडी (Farmer Id) ?
बता दें कि, एग्रीस्टैक (AgriStack) भारत सरकार का एक डिजिटल सिस्टम है, और Farmer ID इसी सिस्टम के तहत हर किसान को मिलने वाली एक यूनीक पहचान है। बिल्कुल आधार कार्ड की तरह, बस यह खासतौर पर खेती से जुड़े कामों के लिए है। इस आईडी में आपकी ज़मीन का रिकॉर्ड, आधार, बैंक अकाउंट यह सब एक जगह जुड़ जाता है। फायदा यह होता है कि जब भी कोई योजना आती है (जैसे PM-KISAN की किस्त या फसल बीमा का क्लेम), सरकार को बार-बार आपके दस्तावेज़ मांगने की ज़रूरत नहीं पड़ती सिस्टम खुद वेरिफाई कर लेता है।
राजस्थान के लिए अलग से एक Farmer Id पोर्टल बनाया गया है rjfr.agristack.gov.in यहीं से राजस्थान के किसान अपना रजिस्ट्रेशन करते हैं। यह पोर्टल राज्य के भू-अभिलेख विभाग (जमाबंदी, खसरा) से सीधे जुड़ा है, यानी आपकी ज़मीन का डेटा वहीं से फेच करके लाया जाता है । ज़्यादातर मामलों में आपको अलग से पेपर अपलोड करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
एक उदाहरण से समझें : मान लीजिए अलवर के किसी किसान को हर साल PM-KISAN की किस्त आती थी, लेकिन Farmer Id न होने की वजह से अगली किस्त रुक जाती है। जब वह रजिस्ट्रेशन करा लेता है, तो सिस्टम उसकी जमाबंदी से ज़मीन का डेटा और आधार से पहचान — दोनों को मैच करके किस्त फिर से जोड़ देता है। यही वजह है कि अभी रजिस्ट्रेशन कराना टालने वाला काम नहीं है।
रजिस्ट्रेशन से पहले यह दस्तावेज़ तैयार रखें
Farmer Id रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले पांच मिनट निकालकर यह चीज़ें अपने पास रख लें — बीच में अटकने से बेहतर है पहले ही तैयारी कर लें।
आधार कार्ड
जमाबंदी / खसरा नंबर
बैंक खाता विवरण
संयुक्त खातेदार हैं तो, अगर ज़मीन परिवार के नाम पर साझा है (जैसे भाइयों के बीच बंटी हुई पुश्तैनी ज़मीन), तो सभी हिस्सेदारों की सहमति और उनके आधार विवरण की ज़रूरत पड़ सकती है।
किरायेदार या बटाईदार किसान।
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मोबाइल या कंप्यूटर से कैसे बनवाए फार्मर आईडी, स्टेप बाय स्टेप | Farmer Id
पोर्टल खोलें अपने ब्राउज़र में rjfr.agristack.gov.in टाइप करें। पेज लोड होने में थोड़ा समय लग सकता है, यह सामान्य है – घबराएं नहीं।
“नया पंजीकरण” या New Registration or Create New User Account चुनें होमपेज पर आपको रजिस्ट्रेशन का विकल्प दिखेगा। इस पर क्लिक करें।
Farmer Id आधार नंबर डालें और OTP वेरिफाई करें अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, उसे डालकर वेरिफाई करें। यह सबसे ज़रूरी स्टेप है — अगर OTP नहीं आता, तो आगे नीचे दिए गए समाधान वाले सेक्शन में जाएं।
लॉगिन के लिए मोबाइल नंबर और पासवर्ड सेट करें वेरिफिकेशन के बाद आपसे एक पासवर्ड सेट करने को कहा जाएगा। इसे याद रखें या कहीं लिख लें — भविष्य में स्टेटस चेक करने के लिए यही इस्तेमाल होगा।
व्यक्तिगत जानकारी भरें नाम, पता, पेशा (occupation) जैसी जानकारी भरनी होगी। ध्यान रखें कि नाम बिल्कुल वैसा ही डालें जैसा आधार पर लिखा है — स्पेलिंग या स्पेस में भी फर्क नहीं होना चाहिए। : Farmer Id
ज़मीन का विवरण भरें और वेरिफाई करें यहां पोर्टल आपकी जमाबंदी के आधार पर ज़मीन का डेटा अपने आप खींच लाता है। स्क्रीन पर दिखाए गए खसरा नंबर, रकबा (क्षेत्रफल) और मालिकाना हक को ध्यान से चेक करें। अगर कुछ गलत दिखे तो आगे बढ़ने से पहले सुधारें, नहीं तो बाद में रिजेक्शन का सामना करना पड़ सकता है।
सहमति दें और e-Sign करें नियम और शर्तें पढ़कर डेटा उपयोग की सहमति दें। इसके बाद e-Sign की प्रक्रिया आती है, जिसमें दोबारा OTP वेरिफिकेशन हो सकता है। : Farmer Id
एनरोलमेंट नंबर सेव कर लें सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक एनरोलमेंट नंबर दिखेगा। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या लिख लें — स्टेटस चेक करने और भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में यही आपका सबूत होगा।
CSC पर भी बनवा सकते है फार्मर आईडी (Farmer Id)
मोबाइल से कंप्यूटर पर अगर आपको फार्मर आईडी बनाने में किसी प्रकार की कोई समस्या आ रही है तो CSC पर जाकर भी फार्मर आईडी बनवा सकते है या बिल्कुल मुफ्त है। रजिस्ट्रेश की कोई फ़ीस नहीं लगती हाँ सर्विस सेंटर संचालक आपसे मामूली फीस ले सकता है। CSC जाते समय आधार कार्ड, जमाबंदी की नकल और बैंक पासबुक साथ ले जाएं। नज़दीकी CSC खोजने के लिए आप digitalseva.csc.gov.in पर लोकेशन सर्च कर सकते हैं।
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





