मक्का और बाजरे पर सैनिक इल्ली का हमला: कृषि विभाग ने जारी की गाइडलाइन, जानें बचाव के उपाय

मक्का-बाजरे (Agricultural Advisor) में फॉल आर्मीवर्म से सावधान, इल्ली को नियंत्रण के लिए सटीक रासायनिक दवाइयों का करे छिड़काव….

 

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Agricultural Advisor । मक्का और बाजरा, में फॉल आर्मीवर्म (सैनिक इल्ली) का प्रकोप तेजी से देखा जा रहा है। यह कीट फसलों को शुरुआती अवस्था में ही भारी नुकसान पहुंचाता है, जिससे किसानों की पूरी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा बना रहता है।

इस गंभीर समस्या को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। इसमें कीट की रोकथाम के लिए सटीक रासायनिक दवाओं और उनके छिड़काव की सही मात्रा व तरीकों की जानकारी दी गई है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मक्का और बाजरे के खेतों में फॉल आर्मीवर्म का हमला दिखाई दे, तो किसान तुरंत नीचे दी गई तीन रासायनिक दवाओं में से किसी एक दवा का चुनाव कर नियंत्रण पा सकते हैं, आईए जानते हैं Agricultural Advisor इसके उपाय के बारे में…

बचाने के उपाय रासायनिक दवाइयों का करे छिड़काव 

1. क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (Chlorantraniliprole 18.5% SC)

यह दवा सैनिक इल्ली के नियंत्रण के लिए बेहद असरदार मानी जाती है। कीट का हमला दिखने पर किसानों को इस दवा की 0.4 मिलीलीटर मात्रा को प्रति लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार करना चाहिए। यह घोल कीट के तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर करता है और फसल को सुरक्षित रखता है। Agricultural Advisor

2. इमामेक्टिन बेंजोएट (Emamectin Benzoate 5% SG)

यदि किसान दानेदार या घुलनशील पाउडर फॉर्मूलेशन का उपयोग करना चाहते हैं, तो इमामेक्टिन बेंजोएट एक बेहतरीन विकल्प है। इसकी 0.4 ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी के हिसाब से मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। यह दवा पत्तियों पर छिपे कीटों को तेजी से खत्म करती है। Agricultural Advisor

3. स्पिनेटोराम (Spinetoram 11.7% SC)

फॉल आर्मीवर्म के प्रभावी नियंत्रण के लिए स्पिनेटोराम भी एक आधुनिक और कारगर कीटनाशक है। इसके इस्तेमाल के लिए किसानों को 0.5 मिलीलीटर दवा प्रति लीटर पानी में घोलनी होगी। यह कीटों की नई और पुरानी दोनों श्रेणियों की इल्लियों पर तुरंत काबू पाता है। Agricultural Advisor

सही तरीके से करे छिड़काव 

छिड़काव के दौरान बरतने वाली जरूरी सावधानियां दवाओं के चयन के साथ-साथ उनके छिड़काव का तरीका भी बेहद महत्वपूर्ण है। गलत तरीके से किया गया छिड़काव दवा के असर को कम कर देता है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखने को कहा है:

1. पौधे की भंवर को निशाना बनाएं: फॉल आर्मीवर्म यानी सैनिक इल्ली अक्सर मक्के या बाजरे के पौधे के बीच वाले हिस्से (भंवर या पोंगे) के अंदर छिपी रहती है। इसलिए दवा का छिड़काव सीधे पौधे की भंवर के अंदर जरूर जाना चाहिए, ताकि दवा सीधे कीट के संपर्क में आ सके। Agricultural Advisor

2. समय का सही चुनाव: कीटनाशकों का छिड़काव हमेशा सुबह के समय या फिर शाम के वक्त ही करें। दोपहर की तेज धूप में छिड़काव करने से बचें। इसके अलावा, यदि मौसम में तेज हवा चल रही हो या बारिश होने की संभावना हो, तो छिड़काव का काम तुरंत रोक दें

3. खेत का दोबारा निरीक्षण: दवा छिड़कने के बाद किसान निश्चित न बैठें। छिड़काव के ठीक 3 से 4 दिन बाद अपने खेतों का दोबारा बारीकी से निरीक्षण करें। यदि फसलों पर इल्लियां फिर से जीवित या सक्रिय दिखाई देती हैं, तो तुरंत कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें और उनकी देखरेख में ही दूसरा छिड़काव करें। Agricultural Advisor

दवा का उचित मात्रा में उपयोग करके किसान अपनी मक्का और बाजरे की फसल को नष्ट होने से बचा सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण जानकारी को अन्य किसान भाइयों के साथ भी साझा करें ताकि सामूहिक रूप से इस कीट पर नियंत्रण पाया जा सके। “सही जानकारी और बेहतर खेती” ही खुशहाल किसान का आधार है।

सलाह के लिए नजदीकी कृषि केंद्र से करे संपर्क

मक्का और बाजरा की इल्ली को लेकर किसी भी किसानों को सलाह के लिए आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। Agricultural Advisor

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