कृषि विभाग ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) का लाभ लेने की अपील है..
Crop Insurance Scheme | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के दौरान होने वाली क्षति की प्रतिपूर्ति बीमा कंपनी द्वारा की जाती है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के 10 लाख 54 हजार किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से 1460 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि अंतरित की है। यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 के फसल बीमा की दावा राशि थी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल हानि होने पर कृषकों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) संचालित है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण अच्छे मानसून का अनुमान नहीं है।
ऐसी स्थिति में किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा, निर्धारित तिथि से पहले करवा लें। इससे उपज में हानि होने की स्थिति में किसानों को वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी। फसल बीमा योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि सहित आवेदन की पूरी प्रक्रिया एवं दस्तावेज कौन-कौन से लगेंगे आईए जानते हैं..
31 जुलाई के पूर्व करवाएं फसल बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) के अंतर्गत खरीफ-2026 मौसम के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ उठाएं। इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं और अन्य जोखिमों के कारण होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगी सुरक्षा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) के तहत किसानों की फसलों को विभिन्न प्राकृतिक और आकस्मिक जोखिमों से सुरक्षा प्रदान की जाती है। इनमें प्रमुख रूप से अतिवृष्टि, अल्पवृष्टि (सूखा), ओलावृष्टि, बाढ़, जलभराव, चक्रवाती परिस्थितियां तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य विपरीत परिस्थितियों में किसानों की आर्थिक क्षति को कम करना और उन्हें खेती जारी रखने में सहयोग देना है।
खरीफ-2026 के लिए निर्धारित प्रीमियम
खरीफ-2026 मौसम में किसानों को अपनी फसलों के लिए निम्नानुसार प्रीमियम राशि जमा करनी होगी –
- सोयाबीन: ₹926 प्रति हेक्टेयर।
- मक्का (सिंचित): ₹648 प्रति हेक्टेयर।
- धान: ₹662 प्रति हेक्टेयर।
नोट – यह राशि किसान अंश के रूप में देय होगी, जबकि शेष प्रीमियम का वहन शासन द्वारा नियमानुसार किया जाएगा।
आवेदन कहां और कैसे करें
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) के तहत किसान निम्न माध्यमों से फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं :–
- निकटतम बैंक शाखा
- प्राथमिक कृषि सहकारी समिति
- कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी)
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन
- इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से किसान घर बैठे भी बीमा प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
फसल बीमा (Crop Insurance Scheme) कराने के लिए किसानों को निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे –
- आधार कार्ड।
- बैंक पासबुक।
- फसल बुवाई प्रमाण पत्र।
- भूमि संबंधी बही/पावती।
- यदि खेती बटाई या किराये की भूमि पर की जा रही है, तो भूमि स्वामी का शपथ पत्र।
अंतिम तिथि का रखें ध्यान
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 का इंतजार न करें। समय रहते आवेदन कर फसल बीमा (Crop Insurance Scheme) सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें योजना के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
- आवेदन करते समय सभी दस्तावेजों की जांच अवश्य कर लें।
- बैंक खाते को आधार से लिंक एवं सक्रिय रखें।
- आवेदन की रसीद एवं बीमा संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- आवेदन के समय फसल एवं भूमि संबंधी जानकारी सही दर्ज कराएं।
- किसी भी जानकारी के लिए बैंक, सहकारी समिति, सीएससी केंद्र अथवा संबंधित कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
- कृषि विभाग ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) किसानों के हितों की रक्षा के लिए संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में सभी पात्र किसान समय सीमा के भीतर फसल बीमा कराकर इसका लाभ अवश्य लें।
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