15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक करें सरसों की बुवाई, डीएपी छोड़ एसएसपी-यूरिया अपनाएं, कम लागत में बढ़ेगी पैदावार, देखें डिटेल..

सरसों की बुवाई (Mustard Cultivation) का समय नजदीक, खाद चयन को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता, कृषि वैज्ञानिकों ने यह सलाह जारी की..

 

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Mustard Cultivation | सरसों की बुवाई का समय नजदीक आते ही किसानों ने खेत तैयार करने के साथ खाद और उर्वरक की व्यवस्था शुरू कर दी है। ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) और यूरिया के इस्तेमाल की सलाह दी है।

विभाग का कहना है कि एसएसपी में फास्फोरस के साथ गंधक भी उपलब्ध होता है, जो सरसों जैसी तिलहनी फसल के लिए बेहद उपयोगी है। गंधक की उपलब्धता से फसल की पैदावार के साथ तेल की मात्रा बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक बुवाई का उचित समय

कृषि विभाग के अनुसार सरसों की बुवाई के लिए 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक का समय उपयुक्त माना जाता है। बुवाई का समय नजदीक होने के कारण किसान अभी से खाद और उर्वरक की खरीद में जुट रहे हैं। Mustard Cultivation

विभाग का कहना है कि बुवाई के समय पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा उपलब्ध रहने से फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होती है और अच्छी पैदावार की संभावना बढ़ती है।

एसएसपी में फास्फोरस के साथ गंधक भी विभाग के मुताबिक डीएपी में करीब 46 प्रतिशत फास्फोरस और 18 प्रतिशत नाइट्रोजन होती है। वहीं सिंगल सुपर फॉस्फेट में लगभग 16 प्रतिशत फास्फोरस और 11 प्रतिशत गंधक मिलता है।

सरसों की फसल में गंधक का विशेष महत्व है, क्योंकि यह पौधे में तेल निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्याप्त गंधक मिलने पर सरसों में तेल की मात्रा बेहतर होने की संभावना रहती है। Mustard Cultivation

यही कारण है कि कृषि विभाग किसानों को केवल फास्फोरस और नाइट्रोजन की पूर्ति पर निर्भर रहने के बजाय गंधक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दे रहा है। एसएसपी के इस्तेमाल से फास्फोरस के साथ गंधक भी खेत में पहुंचता है, जिससे अलग से गंधक खरीदने की जरूरत कम हो सकती है।

एक बीघा में 40 किलो एसएसपी और 15 किलो यूरिया

कृषि विभाग ने सरसों की अच्छी पैदावार के लिए एक बीघा में 40 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट और 15 किलो यूरिया के प्रयोग की सलाह दी है। विभाग के अनुसार एसएसपी से फास्फोरस और गंधक की पूर्ति होगी, जबकि यूरिया फसल को आवश्यक नाइट्रोजन उपलब्ध कराएगा। Mustard Cultivation

हालांकि खेत की मिट्टी, स्थानीय बीघा के आकार और फसल की स्थिति के अनुसार उर्वरक की मात्रा में अंतर हो सकता है। इसलिए किसानों को मिट्टी परीक्षण और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर ही अंतिम मात्रा तय करने की सलाह दी गई है।

डीएपी के मुकाबले 1033 रुपए तक बचत का दावा

कृषि विभाग ने एसएसपी और यूरिया के विकल्प को किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद बताया है। विभाग के अनुसार एक बोरी डीएपी और अलग से 16 किलो गंधक लेकर समान पोषक तत्वों की पूर्ति करने में करीब 2950 रुपए खर्च हो सकते हैं। Mustard Cultivation

वहीं तीन बोरी सिंगल सुपर फॉस्फेट और एक बोरी यूरिया से करीब 24 किलो फास्फोरस, 16 किलो गंधक और 20 किलो नाइट्रोजन प्राप्त होती है। इसकी अनुमानित लागत करीब 1917 रुपए बताई गई है।

इस हिसाब से किसानों को करीब 1033 रुपए तक की बचत हो सकती है। विभाग का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों के आधार पर भी एसएसपी और यूरिया का विकल्प किसानों के लिए कम खर्चीला साबित हो सकता है। Mustard Cultivation

पैदावार के साथ तेल की मात्रा पर भी नजर

सरसों किसानों के लिए फसल की पैदावार के साथ उसमें निकलने वाले तेल की मात्रा भी काफी महत्वपूर्ण है। गंधक की पर्याप्त उपलब्धता सरसों में तेल निर्माण के लिए उपयोगी मानी जाती है। Mustard Cultivation

ऐसे में एसएसपी के इस्तेमाल से किसानों को दोहरा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। बेहतर तेल प्रतिशत होने पर बाजार में उपज की गुणवत्ता के आधार पर बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है।

मिट्टी की जांच के बाद करें खाद का प्रयोग

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हर खेत में पोषक तत्वों की स्थिति एक जैसी नहीं होती। इसलिए उर्वरक की मात्रा तय करने से पहले मिट्टी की जांच कराना बेहतर रहता है। जरूरत से अधिक खाद डालने से लागत बढ़ने के साथ मिट्टी की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों को कृषि विभाग की अनुशंसा और मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरक इस्तेमाल करना चाहिए। Mustard Cultivation

सरसों की बुवाई का समय नजदीक होने के बीच कृषि विभाग का एसएसपी और यूरिया पर जोर किसानों के लिए कम लागत में संतुलित पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यदि खेत की जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल किया जाए तो फास्फोरस, नाइट्रोजन और गंधक की पूर्ति के साथ सरसों की पैदावार तथा तेल की मात्रा में सुधार की संभावना बन सकती है। Mustard Cultivation

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