सोयाबीन में तीसरा स्प्रे कब करें? फूल आने की अवस्था में इन दवाइयों का इस्तेमाल करें किसान

35 से 50 दिन की फसल में करें सही समय पर तीसरा स्प्रे (Soybean Pesticides Spraying) 40-50 दिन की फसल में फूल-फली के लिए सही स्प्रे और संपूर्ण प्रबंधन। देखें डिटेल…

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।

Soybean Pesticides Spraying | सोयाबीन की फसल में 35 से 50 दिन की अवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस समय फसल फूल आने और आगे फलियां बनने की अवस्था में पहुंचती है। इसलिए इस समय केवल कीट नियंत्रण पर ध्यान देने के बजाय पोषण, फंगस, इल्ली और फूल फल्ली बनने की प्रक्रिया का भी ध्यान रखना जरूरी है। तीसरे स्प्रे का उद्देश्य फसल को इस महत्वपूर्ण अवस्था में स्वस्थ बनाए रखना और जरूरत के अनुसार पोषण एवं सुरक्षा प्रदान करना है। किसानों को कब करना चाहिए सोयाबीन में तीसरा स्प्रे (Soybean Pesticides Spraying) एवं क्या सावधानियां रखना चाहिए, आइए जानते है आर्टिकल में…

NPK 0:52:34 का उपयोग करें किसान?

Soybean Pesticides Spraying | फूल और फल्ली बनने की अवस्था में फसल की पोषण आवश्यकता बदल जाती है। 0:52:34 में नाइट्रोजन नहीं होता तथा इसमें फास्फोरस और पोटाश की मात्रा अधिक होती है।

  • फास्फोरस ऊर्जा संबंधी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • पोटाश पोधे के जल संतुलन, एंजाइम गतिविधियों और पीधे की गजबूती में सहायता करता है।
  • मात्रा: 1 किलो प्रति एकड़।

हालांकि इसका परिणाम मिट्टी, पहले दिए गए उर्वरक, मौसम और फसल की स्थिति पर निर्भर करेगा। Soybean Pesticides Spraying इसें किसी चमत्कारी उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि पोषण प्रबंधन के एक हिस्से के रूप में समझें।

Soybean Pesticides Spraying | फूल आने की अवस्था में यह दवाई छिड़के

Godrej Double को प्लांट ग्रोथ / यील्ड एन्हांसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें Homobrassinolide 0.04% SL सक्रिय घटक बताया गया है। फूल आने की अवस्था में इसका उपयोग फसल की प्रजनन अवस्था को सपोर्ट करने के उद्देश्य से किया जाता है।

फंगीसाइड का उपयोग

Soybean Pesticides Spraying | बारिश, अधिक नमी और लगातार बादल वाले मौसम में सोयाबीन में फंगल रोगों का खतरा बढ़ सकता है। पत्तियों पर धब्बे, तने पर संक्रमण या अन्य रोग लक्षण दिखाई देने पर फसल की स्थिति अनुसार फंगीसाइड़ चुनें।

विकल्प 1 – Priaxor (Pyraclostrobin + Fluxapyroxad) मात्रा: 120 ml प्रति एकड़।

विकल्प 2 – Miravis Duo (Difenoconazole 11.49% + Pydiflumetofen 6.89% SC) मात्रा: 200 ml प्रति एकड़। : Soybean Pesticides Spraying

(Priaxor और Miravis Duo में से किसी एक का ही चयन करें)

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।

इल्ली नियंत्रण इस प्रकार करें..!

Soybean Pesticides Spraying | फूल आने की अवस्था में सेमीलूपर, तंबाकू की इल्ली और अन्य पत्ती खाने वाली इलियां फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा गर्डल बीटल और स्टेम फ्लाई की भी निगरानी करें।

  • Chlorantraniliprole 18.5% SC (ais: Coragen) विभिन्त इल्ली वर्ग के कीटों के नियंत्रण के लिए जाना जाता है। मात्रा: 50-60ml प्रति एकड़
  • Emamectin Benzoate विभिन्त इल्ली वर्ग के कीटों के नियंत्रण में प्रभावी। मात्रा: 100 ग्राम प्रति एकड़।

फूल झड़ने की समस्या | Soybean Pesticides Spraying

सोयाबीन में कुछ फूलों का प्राकृतिक रूप से गिरना सामान्य हो सकता है, लेकिन अत्यधिक फूल झड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं- मौसम में बदलाव, नमी का तनाव, पोषण असंतुलन, कीट, रोग, अधिक तापमान, गलत या अधिक मात्रा में स्प्रे।

सोयाबीन में तीसरा स्प्रे कब करें?

Soybean Pesticides Spraying तीसरा स्प्रे सामान्यतः 35-45 दिन की अवस्था में और आवश्यकता अनुसार 50 दिन तक किया जा सकता है। लेकिन केवल फसल की उम्र देखकर स्प्रे न करें। खेत में जाकर देखें।

• फूल आना शुरू हुआ है या नहीं।

• नई पत्तियां स्वस्थ हैं या नहीं।

• पत्तियों पर फंगस के धब्बे तो नहीं।

• पत्तियों के नीचे कीट या इल्ली तो नहीं।

• तने पर स्टेम फ्लाई या गर्डल बीटल के लक्षण तो नहीं।

• फसल में नमी और पोषण की स्थिति कैसी है।

तीसरे स्प्रे में दवाई का संभावित कॉम्बिनेशन | Soybean Pesticides Spraying

NPK 0:52:34 : 1 किलो/एकड़

Godrej Double : 100 ml / एकड़

Priaxor (विकल्प 1) या Miravis Duo (विकल्प 2) : 120 ml/एकड़, 200 ml/एकड़ (कोई एक)

Chlorantraniliprole 18.5% SC : 50-60ml / एकड़

Emamectin Benzoate : 100 ग्राम/एकड़

Sticker : लगभग 50ml

पानी : लगभग 150 लीटर/एकड़। : Soybean Pesticides Spraying

नोट : सोयाबीन में दवाइयों का इस्तेमाल करने से पहले एक बार कृषि अधिकारी या दवाई संबंधित जानकारी रखने वाले किसानों से अवश्य जानकारी लें।

कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।

ये भी पढ़े .. धान की फसल में इन कीट रोग का खतरा सबसे ज्यादा, कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी

बौना वायरस ने बढ़ाई धान की खेती करने वाले किसानाें की टेंशन, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की यह सलाह..

इल्ली और कीट नियंत्रण के लिए सोयाबीन की फसल में पहला स्प्रे क्या करें, जानिए..

धान की पैदावार बढ़ाने के लिए इस चीज पर अवश्य ध्यान दें किसान, कीट-रोग से भी ज्यादा पहुंचा है नुकसान

प्रिय किसानों…!  चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।

Leave a Comment