कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने को लेकर नियमों में किया गया बदला, जानें क्या है नया अपडेट..

कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Center) में ट्रैक्टर को लेकर शासन ने नियमों में बदलाव किया है, आईए जानते हैं पुरी डिटेल… 

 

Custom Hiring Center | मध्य प्रदेश में वर्ष 2026-27 के लिए जारी निर्देशों के अनुसार अब 50 PTO HP से अधिक की जगह 45 PTO HP या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर को अनिवार्य किया गया है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जारी पत्र में इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कस्टम हायरिंग सेंटर में बदला नियम

मध्य प्रदेश के किसानों को कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित किए जाते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसान अपनी जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण किराए पर लेकर खेती के काम में उपयोग कर सकते हैं। इससे किसानों को हर कृषि यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और खेती की लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। Custom Hiring Center

वर्ष 2026-27 के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर से संबंधित व्यवस्था में अब ट्रैक्टर की क्षमता को लेकर संशोधन किया गया है। कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय, मध्य प्रदेश भोपाल की ओर से जारी पत्र में इस बदलाव की जानकारी दी गई है।

पहले 50 PTO HP से अधिक था नियम

जारी दस्तावेज के अनुसार कस्टम हायरिंग सेंटर के विज्ञापन में पहले 50 PTO HP से अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर** को अनिवार्य श्रेणी में रखा गया था। इसके बाद विभाग को इस संबंध में आवेदकों की ओर से संशोधन का अनुरोध प्राप्त हुआ। Custom Hiring Center

आवेदकों द्वारा यह अनुरोध किया गया कि कस्टम हायरिंग सेंटर में चयनित ट्रैक्टर की अनिवार्यता को कम किया जाए, ताकि उपलब्ध कृषि कार्यों और विभिन्न कृषि यंत्रों की जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर का चयन किया जा सके।

अब 45 PTO HP या उससे अधिक ट्रैक्टर जरूरी

विभाग द्वारा जारी संशोधित व्यवस्था में ट्रैक्टर की अनिवार्यता को बदल दिया गया है। अब 45 PTO HP या उससे अधिक क्षमता वाला ट्रैक्टर कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए अनिवार्य किया गया है। Custom Hiring Center

यानी जहां पहले 50 PTO HP से अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर की जरूरत थी, वहीं अब 45 PTO HP या उससे अधिक क्षमता वाला ट्रैक्टर इस व्यवस्था के तहत स्वीकार किया जाएगा।

इस बदलाव से उन आवेदकों को राहत मिल सकती है, जो 45 PTO HP या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर के माध्यम से कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित करना चाहते हैं। Custom Hiring Center

पावर रिक्वायरमेंट के अनुसार होगा यंत्रों का चयन

विभागीय पत्र में एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही गई है कि कस्टम हायरिंग सेंटर में आवेदक द्वारा प्रोजेक्ट के अंतर्गत चुने गए अन्य कृषि यंत्रों की Power Requirement को ध्यान में रखा जाएगा। Custom Hiring Center

इसका मतलब यह है कि केवल ट्रैक्टर की क्षमता ही महत्वपूर्ण नहीं होगी, बल्कि उसके साथ प्रस्तावित कृषि यंत्रों की जरूरत के अनुसार भी ट्रैक्टर का चयन किया जाना जरूरी होगा।

किसानों और कस्टम हायरिंग सेंटर संचालकों के लिए यह बात महत्वपूर्ण है, क्योंकि अलग-अलग कृषि यंत्रों को चलाने के लिए अलग-अलग क्षमता के ट्रैक्टर की आवश्यकता होती है। इसलिए आवेदन या प्रोजेक्ट तैयार करते समय संबंधित कृषि यंत्रों की पावर आवश्यकता को ध्यान में रखना जरूरी होगा। Custom Hiring Center

कैसे मिलेगा फायदा?

कस्टम हायरिंग सेंटर का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराना है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए आधुनिक कृषि यंत्र खरीदना कई बार महंगा पड़ सकता है। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटर से ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, कल्टीवेटर सहित जरूरत के अन्य कृषि उपकरण किराए पर लिए जा सकते हैं। Custom Hiring Center

ट्रैक्टर की अनिवार्य क्षमता को 50 PTO HP से घटाकर 45 PTO HP या उससे अधिक किए जाने से पात्र आवेदकों के लिए विकल्प बढ़ सकते हैं। हालांकि, किसी भी प्रोजेक्ट में शामिल कृषि यंत्रों की क्षमता और आवश्यकता के अनुसार ट्रैक्टर का चयन किया जाना जरूरी रहेगा।

वर्ष 2026-27 के लिए किया गया संशोधन

यह संशोधन वर्ष 2026-27 के कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए किया गया है। विभागीय पत्र में संबंधित अधिकारियों और कार्यालयों को संशोधित व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। Custom Hiring Center

इसलिए जो किसान या अन्य पात्र आवेदक वर्ष 2026-27 में कस्टम हायरिंग सेंटर से संबंधित आवेदन या प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं, उन्हें पुराने 50 PTO HP वाले प्रावधान के बजाय संशोधित 45 PTO HP वाले प्रावधान को ध्यान में रखना चाहिए।

आवेदको के लिए जरूरी बात

कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए आवेदन करने से पहले आवेदकों को विभाग द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों को देखना चाहिए। विशेष रूप से ट्रैक्टर की PTO HP क्षमता, चयनित कृषि यंत्रों की Power Requirement और प्रोजेक्ट में शामिल मशीनों की जानकारी सही तरीके से देना जरूरी हो सकता है। Custom Hiring Center

किसी भी प्रोजेक्ट में ऐसा ट्रैक्टर चुनना जरूरी है जो प्रस्तावित कृषि यंत्रों की शक्ति आवश्यकता को पूरा कर सके। केवल न्यूनतम निर्धारित क्षमता के आधार पर ट्रैक्टर चुनना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए, यदि संबंधित कृषि यंत्रों को अधिक शक्ति की आवश्यकता हो।

विभाग ने अधिकारियों को दिए निर्देश

18 सितंबर 2026 को जारी विभागीय पत्र में संशोधित व्यवस्था के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय, मध्य प्रदेश भोपाल की ओर से संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है। Custom Hiring Center

इस संशोधन का सीधा संबंध कस्टम हायरिंग सेंटर में ट्रैक्टर की अनिवार्यता से है। अब 50 PTO HP से अधिक के स्थान पर 45 PTO HP या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर को अनिवार्य किए जाने की जानकारी दी गई है।

किसानों के लिए सलाह

किसानों और कस्टम हायरिंग सेंटर के आवेदकों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की नवीनतम जानकारी जरूर जांच लें। ट्रैक्टर की क्षमता के साथ-साथ कृषि यंत्रों की पावर आवश्यकता, प्रोजेक्ट में शामिल मशीनों और अन्य पात्रता शर्तों को भी ध्यानपूर्वक देखना चाहिए। Custom Hiring Center

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में वर्ष 2026-27 के कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए ट्रैक्टर की अनिवार्य क्षमता में बदलाव किया गया है। अब 50 PTO HP से अधिक की जगह 45 PTO HP या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर की व्यवस्था लागू की गई है।* इससे कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए आवेदन करने वाले लोगों को संशोधित प्रावधान के अनुसार अपना प्रोजेक्ट तैयार करना होगा।

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