मल्चिंग विधि अपनाकर किसान अच्छा फायदा कमा रहे हैं, आईए जानते हैं इस तकनीक (Mulching Method) की पूरी जानकारी..
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Mulching Method | वर्तमान में खेती-किसानी से किसानों को अधिक फायदा नहीं मिल रहा है। इसका प्रमुख कारण लागत में लगातार वृद्धि होना है। इसके साथ ही किसान परंपरागत खेती के तरीके अपना रहे हैं, जिसके कारण भी लागत लगातार बढ़ती जा रही है और मुनाफा लगातार कम होता जा रहा है।
ऐसी स्थिति में किसानों के लिए मल्चिंग विधि से खेती करना बहुत लाभकारी बनता जा रहा है। इस विधि से खेती करने पर खरपतवार से छुटकारा मिल जाता है और पानी की बचत भी होती है। मल्चिंग विधि क्या है एवं इसके क्या-क्या फायदे हैं एवं कैसे करें मल्चिंग विधि Mulching Method से खेती आइए जानते हैं..
मिट्टी की उत्पादक क्षमता बढ़ाने वाली विधि
आमतौर पर हमारे देश में अभी भी पुराने तौर तरीकों से खेती की जाती है। परंपरागत खेती में रासायनिक दवा का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके कारण मिट्टी की उत्पादन क्षमता कम होती जा रही है। मिट्टी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए वर्तमान समय में मल्चिंग विधि कारगर साबित हो रही है। Mulching Method
इस विधि से खरपतवार से मुक्त रहेगा खेत
मल्चिंग विधि के द्वारा बिना रासायनिक दवा और खाद के भी मिट्टी की उत्पादक क्षमता को आसानी से बढ़ा सकते हैं। वहीं, खरपतवारनाशी के बिना भी खेत को खरपतवारों से मुक्त कर सकते है। किसानों को खेती में खरपतवार से सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। Mulching Method
खरपतवार से फसल को बचाने के लिए किसान निराई-गुड़ाई करते हैं जिसमें अधिक खर्च आता है, लेकिन अब इन खर्चों से बचने के लिए आप अपनी खेतों में मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मल्चिंग विधि के फायदे
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि मल्चिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग मिट्टी में नमी बनाए रखने, खरपतवारों को नष्ट करने, मिट्टी को ठंडा रखने और गर्मियों में पौधों में नमी बनाए रखने के लिए किया जाता है। Mulching Method
कार्बनिक मल्च धीरे-धीरे टूटने के कारण मिट्टी की संरचना, जल निकासी और पोषक तत्वों को धारण करने की क्षमता में सुधार करने में भी मदद करती है।
मल्चिंग Mulching Method करने से मिट्टी का वातावरण संतुलित रहता है, जिससे जड़ों को सही नमी और तापमान मिलता है। इससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं, उनकी जड़ें मजबूत बनती हैं और फसल की क्वालिटी भी बेहतर होती है।
इस विधि में इस्तेमाल की जाने वाली मल्च की परत मिट्टी की सतह को ढक देती है, जिससे सूर्य की रोशनी नीचे तक नहीं पहुंच पाती। इससे खरपतवार (घास-फूस) उग नहीं पाते और जो उगते भी हैं, वे कमजोर रह जाते हैं, इससे किसानों का समय और मजदूरी दोनों बचते हैं। Mulching Method
पानी की भी होगी बचत
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि मल्चिंग से मिट्टी में मौजूद पानी जल्दी सूखता नहीं है, क्योंकि यह वाष्पीकरण को कम कर देता है। इससे सिंचाई की जरूरत कम पड़ती है और पानी की बचत होती है, जो खासकर गर्मियों में बहुत फायदेमंद है। मल्चिंग मिट्टी के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करती है। Mulching Method
गर्मी में यह मिट्टी को ज्यादा गर्म होने से बचाती है और सर्दी में ठंड से सुरक्षा देती है। इससे पौधों को हर मौसम में बेहतर वातावरण मिलता है। बारिश या तेज हवा के कारण मिट्टी बहने या उड़ने लगती है, जिससे उपजाऊ परत खत्म हो जाती है। ऐसे में मल्चिंग मिट्टी को ढककर रखती है, जिससे कटाव कम होता है और मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।
कैसे करें मल्चिंग विधि से खेती
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मल्चिंग विधि से खेत में सब्जी लगानी है, तो सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर लें। इसके साथ गोबर को मिट्टी में मिला दें। उसके बाद खेत में उठी हुई मेड़ यानी बेड बना लें। इसके बाद ड्रिप सिंचाई की पाइप लाइन को बिछा दें। Mulching Method
उसके बाद प्लास्टिक मल्च को अच्छी तरह बिछाकर दोनों किनारों को मिट्टी की परत से अच्छी तरह दबा दें। मल्चिंग पेपर पर गोलाई में पाइप से पौधों से पौधों की दूरी पर छेद कर दें। इसके बाद आप अपने बीज या पौधे की बुवाई कर दें।
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





