कृषि वैज्ञानिकों ने धान की खेती (Paddy Cultivation) करने वाले किसानों के लिए जरूरी सलाह जारी की है आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
Paddy Cultivation | खरीफ सीजन के दौरान देश के कई हिस्सों में धान की खेती प्रमुखता से की जाती है। धान की खेती के संबंध में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह जारी की है कि धान की कम अवधि वाली बौनी किस्मों और मध्यम अवधि वाली किस्मों की बिजाई के लिए नर्सरी लगाने का यह उपयुक्त समय है।
इसके साथ ही किसानों को नर्सरी लगाने के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना है एवं आगे क्या करना है आईए Paddy Cultivation कृषि विशेषज्ञों से जानते हैं..
धान की नर्सरी इसी समय करें तैयार
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्यम अवधि के लिए 30 मई और बौनी किस्मों के लिए 30 जून तक नर्सरी लगा लें। Paddy Cultivation
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने बताया कि रोगों से बचाव के लिए 10 लीटर फफूंदनाशक घोल 10 ग्राम कार्बेन्डाजिम, एक ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन व 10 लीटर पानी में 10-12 किलोग्राम बीज को 24 घंटे भिगोकर उपचारित करके ही बिजाई करें।10 किग्रा बीज को 10 लीटर नमक के घोल 10 लीटर पानी में 1 किग्रा नमक में डुबोएं और धीरे-धीरे चलाएं।
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि हल्के रोगग्रस्त बीज और आभासी कंडुआ के पिंड ऊपर तैरने लगते हैं, जिन्हें निकालकर नष्ट कर दें। नीचे बैठे हुए भारी बीज को स्वच्छ पानी से 3-4 बार अच्छी तरह धो लें। Paddy Cultivation
धान की नर्सरी तैयार करने के पहले यह करें
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक किसान धान की नर्सरी तैयार करने के पहले प्रति एकड़ 10-12 गाड़ी गोबर की खाद डालें। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि धान की नर्सरी उगाने के लिए 10-12 गाड़ी गोबर की खाद, 22 किलोग्राम यूरिया, 65 किलोग्राम. एसएसपी तथा 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति एकड़ डालें। फिर 2 सप्ताह बाद 22 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ नर्सरी में डालें। Paddy Cultivation
धान की कम और मध्यम अवधि वाली प्रमुख किस्में
कम अवधि वाली किस्में : आईआर 64, एचकेआर 46, एचकेआर 47 व गोबिन्द की नर्सरी 20 मई से 30 जून तक लगाएं। Paddy Cultivation
मध्यम अवधि वाली किस्में : जया, पीआर 106, एचकेआर 120, एचकेआर 127 एवं हरियाणा संकर धान-1 की नर्सरी 30 मई तक लगाएं।
खरपतवार नियंत्रण के लिए 15 बाद यह करें
कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि धान की नर्सरी में खरपतवार नियंत्रण के लिए बिजाई के 1-3 दिन बाद 600 ग्राम सोफिट प्रेटिलाक्लोर 30 ईसी प्रति एकड़ को 60 किग्रा सूखी रेत में मिलाकर प्रयोग करें। Paddy Cultivation
1.2 लीटर ब्यूटाक्लोर ईसी मचैटी/डेलक्लोर/हिल्टाक्लोर या थायोबेनकाब सैटर्न ईसी को 60 किलोग्राम सूखी रेत में मिलाकर अंकुरित धान के बोने के 6 दिन बाद एक एकड़ नर्सरी में डाल सकते हैं। खरपतवारों के नियंत्रण के लिए 100 मिलीलीटर बिस्पाइरी बैक सोडियम नोमिनी गोल्ड 10 एसएल को 200 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 15 दिन बाद प्रति एकड़ छिड़काव करें।
इधर, धान सीधी बिजाई मशीन पर मिलेगा अनुदान
हरियाणा सरकार अबकी बार प्रदेश में 22 जिलों में 5 लाख एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले साल 4 लाख एकड़ था। धान की सीधी बिजाई पर किसान को प्रति एकड़ 4500 रुपए देने के साथ 600 मशीनों पर 40 हजार रुपए (50%) अनुदान मिलेगा। Paddy Cultivation
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को मेरी फसल-मेरी ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। संबंधित कृषि सहायक / कृषि सहायक और अन्य क्षेत्रीय अधिकारी जिलों में प्रशिक्षण आयोजित कर किसानों को बीज से धान की खेती के लिए प्रेरित करेंगे। योजना की मानिटरिंग व लक्ष्य को पाने के लिए 13 अधिकारियों तक की नियुक्ति की गई है।
15 जुलाई तक डीडीए डीएसआर का भौतिक सत्यापन कर 17 जुलाई तक मुख्यालय को भेजेंगे। 5 एकड़ से अधिक वाले किसानों का सत्यापन / क्रॉस चेक डीडीए द्वारा स्वयं या उनके प्रतिनिधि करेंगे। Paddy Cultivation
पिछले 3 वर्षों में किसी भी विभागीय सब्सिडी योजना के तहत मशीनों पर कोई लाभ न लेने व फसल अवशेष न जलाने वाले किसान को ही मशीन पर अनुदान मिल सकेगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी बताते हैं कि धान की बिजाई करने पर करीब 30 से 35 फीसदी तक पानी की कम लागत के साथ मजदूरी आदि खर्च तक कम होता है। Paddy Cultivation
कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
ये भी पढ़े …90 दिनों में पकने व 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार वाली सोयाबीन की नई किस्म JS 2433 की जानकारी देखें..
मध्यप्रदेश में कब आयेगा मानसून एवं कहां ज्यादा बारिश होने के आसार, देखें डिटेल…
प्रिय किसानों…! चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।
नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





