सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के सामने एक नई मुसीबत। सोयाबीन फसल (Soybean Advisory) को घोंघे पहुंचा रहे नुकसान। क्या करें किसान? जानिए..
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Soybean Advisory | सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। दरअसल, खेतों में घोंघों (Snails) का हमला तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सोयाबीन की नई फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
कृषि विभाग के मुताबिक, ये घोंघे रात के समय खेतों में निकलकर सोयाबीन के छोटे और कोमल पौधों की पत्तियां खा रहे हैं। इससे कई किसानों की फसल खराब होने लगी है और Soybean Advisory जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
पानी से भरे हुए खेतों में घोंघों का प्रकोप
कृषि अधीक्षक अधिकारी महेश तीर्थकर ने बताया कि फिलहाल यह समस्या लातूर और धाराशिव के करीब पांच से सात गांवों में सामने आई है। जिन खेतों के आसपास नदियां, जलाशय या पानी जमा होने वाले इलाके हैं, वहां घोंघों का प्रकोप ज्यादा देखा जा रहा है। Soybean Advisory
ऐसे क्षेत्रों में नमी अधिक होने के कारण घोंघों को पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है। कृषि अधीक्षक महेश तीर्थकर ने बताया कि घोंघे दिन में छिपे रहते हैं और रात होते ही बाहर निकलकर सोयाबीन के छोटे पौधों की पत्तियां और कोमल हिस्से खा जाते हैं। इससे पौधों की बढ़वार रुक जाती है और कई बार पूरी फसल नष्ट होने का खतरा पैदा हो जाता है।
घोंघो से बचाव के लिए किसानों को सलाह
कृषि अधीक्षक ने किसानों से सतर्क रहने और नियमित रूप से खेतों की निगरानी करने की अपील की है। किसानों को दी गई यह सलाह महेश तीर्थकर ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेत की मेढ़ों और प्रभावित स्थानों पर मेटलडिहाइड (Metaldehyde) की गोलियां रखें। Soybean Advisory
यह एक ऐसा रसायन है, जिसका उपयोग घोंघों और स्लग को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल खेती और बागवानी में लंबे समय से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो घोंघे तेजी से दूसरे खेतों में भी फैल सकते हैं। किसान बोले- 75 फीसदी फसल बर्बाद लातूर जिले के रेनापुर तालुका के वाडल गांव के किसान बलिराम अबारबंडे ने बताया कि उनके तीन एकड़ के खेत में लगी करीब 75 प्रतिशत सोयाबीन की फसल घोंघे खा चुके हैं। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। Soybean Advisory
उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में घोंघे पहले कभी नहीं देखे गए। वहीं, एक अन्य कृषि अधिकारी ने बताया कि कई गांवों में किसान और उनके परिवार शाम ढलने के बाद खेतों में जाकर घोंघे इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि उन्हें नष्ट किया जा सके। अधिकारियों ने यह भी बताया कि घोंघे मिट्टी में 4 से 5 इंच की गहराई पर अंडे देते हैं।
इसलिए अगली फसल की बुवाई से पहले खेतों की गहरी जुताई करना जरूरी है, ताकि इनके अंडे नष्ट हो सकें और भविष्य में इस समस्या को कम किया जा सके। Soybean Advisory
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





