खाद वितरण की नई नीति लागू, एक हेक्टेयर पर कितनी बोरी डीएपी और यूरिया खाद मिलेगा, जानिए..

सरकार ने खाद वितरण की नई नीति लागू कर दी है आईए जानते हैं नई New Fertilizer Distribution Policy के तहत प्रति हेक्टेयर कितनी बोरी खाद मिलेगी..

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।

New Fertilizer Distribution Policy | केंद्र सरकार खेत बचाओ अभियान चला रही है। इस अभियान का सबसे मुख्य उद्देश्य संतुलित मात्रा में उर्वरकों के इस्तेमाल को लेकर जन जागरूकता फैलाना है। खेतों में अत्यधिक यूरिया और DAP के इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत खराब होने से बचाने, खाद के संतुलित उपयोग एवं आधार कार्ड लिकेज और POS मशीन के जगह सीधे वास्तविक किसान साथियों तक सबसे अधिक का लाभ पहुंचाने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने अत्यधिक खरीदी व जमा खोरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए खाद की नई नीति को मंजूरी दे दी गई है।

फर्टिलाइजर विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस नीति के पश्चात खाद की जमाखोरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा, जिससे कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर पूर्ण अंकुश लगेगा। खाद की नई नीति (New Fertilizer Distribution Policy) क्या है एवं इसके पश्चात प्रति हेक्टेयर कितना खाद मिलेगा, आइए पूरी डिटेल जानते हैं..

नई फर्टिलाइजर नीति की मुख्य बातें

खाद वितरण की नई व्यवस्था (New Fertilizer Distribution Policy) के तहत प्रत्येक किसान के लिए खाद का कोटा निर्धारित किया गया है। किसान को उनकी भूमि जोत (खतौनी) के अनुपात में अधिकतम खाद का आवंटन डिजिटल माध्यम से तय किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसानों को जैविक खेती, मिट्टी परीक्षण (मृदा स्वास्थ्य) के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि रासायनिक खाद पर निर्भरता कम हो। खाद सहकारी समितियों (सोसाइटी) और प्राधिकृत निजी डीलरों के माध्यम से वितरित की जाएगी। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि देश में लक्ष्य के सापेक्ष पर्याप्त मात्रा में यूरिया, DAP, NPK और SSP का स्टॉक मौजूद है।

खाद वितरण नए नियम

खाद वितरण के नए नियमों (New Fertilizer Distribution Policy) के तहत किसान जिस समिति (PACS) का पंजीकृत सदस्य है, टोकन केवल उसी समिति पर बुक करें। किसी अन्य समिति से खाद का वितरण नहीं होगा। गलत बुकिंग से समिति का स्टॉक 3 दिनों के लिए ब्लॉक होता है, जिससे दूसरे किसानों को परेशानी होगी। यदि टोकन पर यूरिया के साथ अन्य खाद (DAP/NPK/SSP) बुक है, तो पूरी खाद उठाना अनिवार्य है।

टोकन की पूरी खाद उठाए बिना, अगली खाद के लिए नया टोकन बुक नहीं हो पाएगा। सुपर फास्फेट खाद को ई-टोकन से बाहर नहीं किया गया है। किसानों को यह खाद की टोकन के माध्यम से ही मिलेगा। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसान साथी ई-टोकन से मिलने वाला खाद ही खरीदें। विभाग अधिकारी बताते हैं कि नई नीति (New Fertilizer Distribution Policy) के तहत टोकन उन्हें किसानों को जनरेट किए जा सकेंगे, जिन किसानों की फार्मर आईडी बनी हुई है।

खरीफ सीजन के लिए किसानों को यह मिली राहत

मध्यप्रदेश में मानसून के साथ खरीफ फसलों की बुआई तेज हो गई है। खाद की बढ़ती मांग को देखते हुए मार्कफेड ने किसानों को राहत दी है। अब प्रदेश के किसानों को शनिवार और रविवार (सरकारी अवकाश) के दिन भी नकद भुगतान पर खाद मिल सकेगी। (New Fertilizer Distribution Policy)

फिलहाल यह व्यवस्था मुख्य रूप से खरीफ की प्रमुख फसल धान, मूंग और तिलहनी फसलों के लिए लागू की गई है।मार्कफेड के एमडी अभिजीत अग्रवाल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को नई व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह विशेष व्यवस्था फिलहाल अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था (New Fertilizer Distribution Policy) से गोदामों पर भीड़ कम होगी और खाद की कालाबाजारी पर भी अंकुश लग सकेगा।

नई नीति के तहत उर्वरक वितरण की यह यात्रा रहेगी

अधिकारी बताते हैं कि नई नीति के तहत किसानों तक खाद की सही पहुंच होगी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी। अब किसानों को उनकी जमीन (खतोनी) के अनुपात मे प्रति हेक्टेयर 2 बोरी DAP और 5 बोरी यूरिया दी जाएगी। (New Fertilizer Distribution Policy)

अब खाद महंगी बेची तो होगी कार्रवाई  

इधर म.प्र. सरकार ने सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी दुकानदार खाद के बोरे पर छपे MRP से 1 रुपया भी ज्यादा नहीं ले सकता। किसने की सुविधा के लिए अब यह व्यवस्था की गई है कि वह खाद का दाम बोरे पर, ई-विकास सिस्टम में और POS मशीन पर तीनों जगह देख सकेगा।

अगर किसी दुकान पर पुराने रेट का स्टॉक है और बोरे पर MRP कम छपी है, तो दुकानदार को बोरे वाले कम रेट पर ही खाद बेचनी पड़ेगी दो। वो POS में ज्यादा रेट दिखाकर आपसे ज्यादा पैसे नहीं ले सकता। फिलहाल यह व्यवस्था मुख्य रूप से खरीफ की प्रमुख फसल धान, मूंग और तिलहनी फसलों के लिए लागू की गई है। (New Fertilizer Distribution Policy)

मार्कफेड के एमडी अभिजीत अग्रवाल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को नई व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह विशेष व्यवस्था फिलहाल अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था से गोदामों पर भीड़ कम होगी और खाद की कालाबाजारी पर भी अंकुश लग सकेगा। (New Fertilizer Distribution Policy)

कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।

ये भी पढ़े ..केंद्र सरकार के एक फैसले के पश्चात एमपी के कई जिलों के किसानों की चमकेगी किस्मत, डिटेल जानिए..

शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगा कृषि ऋण, सदस्यता की अंतिम तिथि 30 जून, आवेदन की पूरी प्रक्रिया जानिए..

मूंगफली बंपर पैदावार के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की यह सलाह..

डीजल-बिजली के झंझट से मिल रही मुक्ति, सोलर पंप पर किसानों को मिल रहा 90% तक अनुदान, जानें पूरी योजना..

प्रिय किसानों…!  चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।

Leave a Comment