गेहूं निर्यात (Wheat Export Report) को लेकर सरकार की ओर से बड़ा अपडेट आया है आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
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Wheat Export Report | वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने गेहूं निर्यात का कोटा पाने वाले निर्यातकों से आवंटित मात्रा के इस्तेमाल का पूरा ब्योरा मांगा है। डीजीएफटी ने ट्रेड नोटिस जारी कर एचएस कोड 10011900 और 10019910 के तहत 2025-26 और 2026-27 में जारी सार्वजनिक सूचनाओं के जरिए दिए गए कोटे की समीक्षा शुरू की है। (Wheat Export Report) निर्यातकों को 31 अगस्त 2026 तक उपयोग प्रमाणपत्र, शिपिंग बिल की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसके आधार पर बचे हुए कोटे के पुनः आवंटन और अतिरिक्त मांगों पर फैसला लिया जाएगा।
26 अगस्त तक देनी होगी निर्यात की वास्तविक जानकारी
Wheat Export Report | डीजीएफटी के ट्रेड नोटिस के मुताबिक, संबंधित निर्यातकों को 26 अगस्त 2026 तक आवंटित मात्रा में से जितना गेहूं वास्तव में निर्यात किया गया है, उसकी जानकारी देनी होगी। इसके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित उपयोग प्रमाणपत्र के साथ संबंधित शिपिंग बिल की जानकारी भी जमा करनी होगी।
अतिरिक्त कोटे की मांग के लिए दस्तावेज जरूरी
जिन निर्यातकों को आगे अतिरिक्त गेहूं निर्यात (Wheat Export Report) की जरूरत है, उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी। इसके साथ अतिरिक्त मात्रा की मांग के समर्थन में वैध निर्यात अनुबंध या खरीद आदेश की प्रतियां भी देनी होंगी, अगर ये दस्तावेज उपलब्ध हैं। वहीं, जो निर्यातक अपना बचा हुआ कोटा वापस करना चाहते हैं, उन्हें भी इसकी जानकारी और उचित कारण बताना होगा।
31 अगस्त की डेडलाइन, न मानने पर मांग होगी खारिज
डीजीएफटी ने कहा है कि सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी 31 अगस्त तक निर्धारित ईमेल पते पर भेजनी होगी। अतिरिक्त मात्रा की मांग करने वाले लाइसेंस धारकों को ऑनलाइन पोर्टल पर संशोधन आवेदन भी इसी तारीख तक दाखिल करना होगा। पोर्टल पर आवेदन नहीं करने, जरूरी दस्तावेज नहीं देने या समय सीमा के बाद आवेदन जमा करने पर अतिरिक्त कोटे की मांग खारिज कर दी जाएगी। : Wheat Export Report
50 फीसदी इस्तेमाल बना पुनः आवंटन का आधार
डीजीएफटी ने कोटे के पुनः आवंटन के लिए इस्तेमाल की गई मात्रा को अहम आधार बनाया है। जिन निर्यातकों ने अपने आवंटित कोटे का 50 फीसदी से अधिक इस्तेमाल किया है, उनके लिए अतिरिक्त गेहूं मात्रा के पुनः आवंटन पर विचार किया जा सकता है। वहीं, अगर किसी निर्यातक ने आवंटित मात्रा का 50 फीसदी से कम इस्तेमाल किया है, तो बची हुई मात्रा को दोबारा आवंटन के लिए कॉमन पूल में डाला जा सकता है। हालांकि, वैध निर्यात अनुबंध या खरीद आदेश पेश करने वाले निर्यातकों के मामले में अलग से विचार किया जा सकता है।
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Wheat Export Report दस्तावेजों के आधार पर होगा फिर से आवंटन
ट्रेड नोटिस के अनुसार, कॉमन पूल में उपलब्ध गेहूं निर्यात कोटे का आवंटन डीजीएफटी के महानिदेशक द्वारा निर्यातकों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। डीजीएफटी ने साफ किया है कि आवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आवंटन की प्रक्रिया और तौर-तरीकों में बदलाव का अधिकार उसके पास रहेगा।
तय समय में जानकारी न देने पर होगी कार्रवाई
Wheat Export Report | डीजीएफटी ने तय समय में जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले निर्यातकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसमें इस्तेमाल नहीं किए गए कोटे का पुनः आवंटन और भविष्य में प्रतिबंधित श्रेणी के निर्यात के लिए अनुमति पाने से रोकना शामिल हो सकता है।
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





