मध्य प्रदेश के किसानों को कृषि यंत्रों (Krishi Yantra Subsidy) पर मिलेगा अनुदान, जानिए किन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी…
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Krishi Yantra Subsidy | किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा को आसान बनाने और पानी की बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में सिंचाई उपकरणों पर अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।
किसान योजना के तहत स्प्रिंकलर सेट, ड्रिप सिस्टम, मोबाइल रेनगन तथा डीजल/विद्युत पंप जैसे उपकरणों पर निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार अलग-अलग योजनाओं में किसानों को उपकरण की लागत के आधार पर अनुदान दिया जाता है। हर कृषि यंत्र Krishi Yantra Subsidy पर अनुदान की राशि समान नहीं होती।
किसान की श्रेणी, यंत्र की कीमत, योजना और विभाग के निर्धारित नियमों के आधार पर अनुदान तय होता है। मध्य प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान यंत्र और उपलब्ध योजनाएं देखी जा सकती हैं।मध्य प्रदेश के किसानों को कृषि यंत्रों (Krishi Yantra Subsidy) पर मिलेगा अनुदान, जानिए किन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी…
किसानों के लिए फायदे की योजना
सिंचाई उपकरणों पर मिलने वाला अनुदान किसानों की लागत कम करने के साथ-साथ खेतों में पानी के बेहतर उपयोग में मदद कर सकता है। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों से सिंचाई को अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकता है। Krishi Yantra Subsidy
किसान आवेदन करने से पहले अपने जिले में योजना की वर्तमान उपलब्धता, पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी जरूर जांच लें।
स्वीकृति के बाद ही करें उपकरण की खरीद
विभाग के नियमों के अनुसार आवेदन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है और क्रय स्वीकृति आदेश जारी होने के बाद ही किसान को संबंधित उपकरण खरीदना होता है। Krishi Yantra Subsidy
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में खरीदी गई सामग्री पर ही अनुदान देय होगा। उपकरण खरीदने के बाद दस्तावेज और बिल आदि पोर्टल पर दर्ज किए जाते हैं तथा विभागीय स्तर पर भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान की पात्रता तय होती है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया में किसान को निर्धारित दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराने होते हैं। इनमें आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति और बी-1 की प्रति शामिल हैं। Krishi Yantra Subsidy
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र भी आवश्यक हो सकता है। विद्युत सिंचाई उपकरण के मामले में बिजली कनेक्शन का प्रमाण भी देना होता है।
कौन ले सकता है, इसका लाभ
सिंचाई उपकरणों के लिए किसान के नाम स्वयं की भूमि होना आवश्यक है। विभाग के नियमों के अनुसार जिस किसान ने पिछले सात वर्षों में सिंचाई उपकरण पर अनुदान का लाभ लिया है, वह दोबारा इस लाभ के लिए पात्र नहीं होगा। विद्युत पंप के लिए किसान के पास बिजली कनेक्शन होना भी अनिवार्य है। Krishi Yantra Subsidy
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ घटक के तहत भी माइक्रोइरीगेशन उपकरणों पर सहायता का प्रावधान है। Krishi Yantra Subsidy
इसके अंतर्गत लघु एवं सीमांत किसानों को स्प्रिंकलर, ड्रिप सिस्टम और रेनगन पर इकाई लागत का 55 प्रतिशत तथा अन्य किसानों को 45 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। वहीं डीजल या विद्युत पंप पर इकाई लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 10,000 रुपये तक अनुदान निर्धारित है।
स्प्रिंकलर पर 80 % तक मिलेगा अनुदान
राज्य माइक्रोइरीगेशन योजना के तहत स्प्रिंकलर सेट की इकाई लागत 19,600 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। इस पर समस्त वर्ग के लघु, सीमांत और अन्य किसानों को इकाई लागत का 80 प्रतिशत अथवा अधिकतम 12,000 रुपये तक अनुदान दिया जा सकता है। इससे किसान कम पानी में खेत के बड़े हिस्से तक सिंचाई कर सकते हैं। Krishi Yantra Subsidy
ड्रिप सिस्टम पर भी मिलेगा अनुदान
ड्रिप सिस्टम को पानी की बचत और फसल तक नियंत्रित मात्रा में पानी पहुंचाने के लिए उपयोगी माना जाता है। राज्य माइक्रोइरीगेशन योजना के अंतर्गत ड्रिप सिस्टम की इकाई लागत 80,000 रुपये प्रति हेक्टेयर बताई गई है। Krishi Yantra Subsidy
इस पर 80 प्रतिशत तक अथवा अधिकतम 40,000 रुपये का अनुदान निर्धारित है। किसानों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से उन फसलों में उपयोगी हो सकती है, जहां सिंचाई का प्रबंधन सावधानी से करना जरूरी होता है।
मोबाइल रेनगन पर 15 हजार रुपये तक सहायता
किसानों को मोबाइल रेनगन के लिए भी अनुदान का प्रावधान है। राज्य माइक्रोइरीगेशन योजना के तहत मोबाइल रेनगन की इकाई लागत 31,600 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है और इस पर 80 प्रतिशत अथवा अधिकतम 15,000 रुपये तक अनुदान दिया जा सकता है। Krishi Yantra Subsidy
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





