सरकार खाद पर सब्सिडी (Fertilizer Subsidy) दिए जाने को लेकर बड़ा बदलाव करने वाली है, किसानों को इसका फायदा कैसे मिलेगा जानिए,..
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
Fertilizer Subsidy | केंद्र सरकार प्रतिवर्ष उर्वरकों पर 2 लाख करोड रुपए की सब्सिडी किसानों को देती है यह सब्सिडी की राशि सीधे कंपनियों के खातों में जमा होती है। सरकार अब किसानों को दी जा रही करीब दो लाख करोड़ रुपये की वार्षिक खाद सब्सिडी की व्यवस्था में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। खाद पर सब्सिडी दिए जाने को लेकर सरकार क्या बदलाव कर रही है और इससे किसानों को कैसे फायदा मिलेगा आइए जानते हैं..
Fertilizer Subsidy | केंद्रीय कृषि मंत्री ने यह दिया संकेत
हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उर्वरक कंपनियों को दी जा रही सब्सिडी किसानों के खातों में जमा करने के संबंध में विचार करने की जरूरत बता और कहा कि इतनी बड़ी राशि सीधे किसानों के खाते में दी जाए, ताकि किसान स्वयं तय कर सके कि कौन-सा उर्वरक कब और कितनी मात्रा में खरीदना है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह के इस बयान को कृषि नीति में संरचनात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे सरकारी सहायता का असर प्रत्यक्ष रूप से खेतों में दिखाई दे सकता है। : Fertilizer Subsidy
पारदर्शिता बढ़ेगी व किसानों को यह फायदा भी मिलेगा
केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही खाद पर सब्सिडी की राशि सीधे-सीधे उर्वरक कंपनियों को दी जाती है, जिसके कारण 2400 रुपये लागत वाली यूरिया की बोरी किसानों को लगभग 265-270 रुपये में उपलब्ध हो पाती है। लेकिन विचार है कि इतनी बड़ी राशि सीधे किसानों के खातों में डीबीटी के रूप में पहुंचाई जाए, ताकि जरूरत और फसल के अनुसार उर्वरक का चुनाव स्वयं कर सकें। इससे सब्सिडी (Fertilizer Subsidy) का वास्तविक लाभ सीधे खेत तक पहुंचेगा और उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
भुगतान में देरी पर सरकार सख्त
Fertilizer Subsidy | भुगतान में देरी को लेकर सरकार का रुख सख्त होता दिख रहा है। किसानों का पैसा रोकने पर एजेंसी को 12 प्रतिशत ब्याज देने का प्रविधान करने के बाद अब राज्यों की लेटलतीफी पर भी अंकुश लगेगा। केंद्र अपने हिस्से की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजने के विकल्प पर काम कर रहा है, ताकि भुगतान में अड़चन नहीं हो। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कृषि क्षेत्र में नकदी का प्रवाह सुधर सकता है और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता घट सकती है।
निगरानी सिस्टम को किया जाएगा मजबूत
Fertilizer Subsidy | केंद्र सरकार अभी कृषि यंत्रीकरण, ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई, पाली हाउस और ग्रीनहाउस जैसी तकनीकों के लिए केंद्र द्वारा 18 से अधिक योजनाओं में राज्यों को संसाधन दिए जा रहे हैं। किंतु हाल के आकलनों में पाया गया कि सूचीबद्ध लाभार्थियों तक उपकरण पूरी तरह नहीं पहुंचे। इससे निगरानी सिस्टम को मजबूत करने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने की जरूरत महसूस हुई। कीटनाशक लाइसेंस प्रणाली को भी सरल, समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की तैयारी है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद शीघ्र बाजार में आएं और घटिया उत्पादों पर रोक लगे।
कृषि मंत्री ने MSP पर गेहूं खरीद को लेकर यह कहा
Fertilizer Subsidy | केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूं खरीद को लेकर कहा कि सरकार एमएसपी पर खरीद व्यवस्था को भी समयबद्ध और जवाबदेह बनाने पर जोर दे रही है। अभी कई राज्यों में खरीद प्रक्रिया तीन महीने तक चलती है, जबकि छोटे किसानों के लिए फसल को लंबे समय तक रोक कर रखना संभव नहीं होता। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रस्ताव है कि राज्यों के साथ समन्वय कर अधिकतम एक महीने के भीतर खरीद पूरी की जाए, ताकि किसान को तुरंत भुगतान मिल सके और बिचौलियों की भूमिका सीमित हो । : Fertilizer Subsidy
कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
प्रिय किसानों…! चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।
नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





