एमपी में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) के लिए कल से स्टॉल की बुकिंग शुरू होने वाली है सीएम ने यह दिए निर्देश..
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
Wheat Procurement | मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का कार्य आखिरकार 10 अप्रैल से शुरू होने वाला है। गेहूं खरीदी के लिए प्लांट की बुकिंग 7 अप्रैल से शुरू होगी। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रविवार को गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। गेहूं उपार्जन को लेकर कम डॉक्टर यादव ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए एवं क्या है पूरी प्रक्रिया आइए जानते हैं..
7 अप्रैल से होगी स्लॉट की बुकिंग
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। इसके लिए मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ होगी। 7 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू हो जाएगी। Wheat Procurement
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी। छोटे किसानों को खरीदी में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ज्यादा गेहूं खरीदेंगे। पिछले साल 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पास ढाई करोड़ टन भंडारण क्षमता है। इसके अलावा साइलो बैग के टेंडर भी बुलाए गए हैं। हमारे पास स्टील साइलो भी हैं। कुल मिलाकर जितनी खरीदी करेंगे, उसे रखने की पर्याप्त व्यवस्था है। Wheat Procurement
10 अप्रैल से ही शुरू होगी गेहूं खरीदी
एमपी में गेहूं की सरकारी खरीदी अब 10 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। 10 अप्रैल से 2625 रुपए प्रति क्विंटल के मान से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में खरीदी शुरू होगी। वहीं 15 अप्रैल से प्रदेश के बाकी सभी संभागों में उपार्जन शुरू होगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार 40 रुपए बोनस के रूप में दे रही है, जिसे मिलकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल में गेहूं में खरीदी होगी। Wheat Procurement
गेहूं उपार्जन को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दो बार अफसरों के साथ गेहूं खरीदी को लेकर बैठक की। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पशुपालन मंत्री लखन पटेल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न हो। प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। Wheat Procurement
उपार्जन की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदाने का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ता एजेंसियों से बारदाना आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है। अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया जारी है। उपार्जन की व्यवस्था सुचारू हो, इस संबंध में मंत्रिमंडल उप समिति के सदस्यों और किसान प्रतिनिधियों के साथ भी विचार विमर्श किया। Wheat Procurement
छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा
बैठक में सीएम ने कहा प्रदेश में इस साल गेहूं की खरीदी तय समय पर शुरू होगी। खास बात यह है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। Wheat Procurement
छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा, उसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी। प्रदेश में बारदानों की 3.12 लाख गठानों की जरूरत है, सरकार का दावा है कि बारदानों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने 10 अप्रैल से पहले सभी तौल केंद्रों का गहन निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस कारण से कई समस्याएं आईं। जितना गेहूं बाहर निर्यात होता था, संभवत: उतना निर्यात नहीं हो पा रहा। Wheat Procurement
उन्होंने कहा कि इसी कारण के चलते हमें तारीख बढ़ानी पड़ी, क्योंकि बारदाना जूट कमिश्नर कलकत्ता के माध्यम से आता है। बारदाना आने में विलंब हुआ। हम ये नहीं चाहते थे कि पर्याप्त बारदाने के बिना हम खरीद शुरू करें। ताकि हमारे किसानों को और कोई परेशानी हो। जब हमारे पास पर्याप्त बारदाना आ गया, तब हमने खरीदी शुरू की है। Wheat Procurement
खाद्य मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 50 हजार गठानें हमारे पास आ चुकी हैं। 50 हजार गठानें और आने वाली हैं। अब हमारे पास पर्याप्त मात्रा में बारदाना आ गया है और समस्या होगी तो हमें भारत सरकार ने पीपीपी बैग खरीदने की अनुमति दी है। उसके टेंडर भी हो गए हैं। जितना हम खरीदेंगे, उतना वारदाना हमारे पास आ चुका है। Wheat Procurement
कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
ये भी पढ़े 👉 एमपी में गेहूं खरीदी को लेकर स्लॉट की बुकिंग नहीं हुई शुरू, कब से होगी खरीदी एवं क्या रहेगी प्रक्रिया, जानिए..
एमपी के कई जिलों में बारिश ने फसलों को पहुंचा भारी नुकसान, मुआवजे के लिए तत्काल करें यह कार्य..
प्रिय किसानों…! चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।
नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





