इस वर्ष सोयाबीन की दो नई वैरायटी (New Soybean Varieties) किसानों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय हो रही है, आईए जानते हैं इनकी पूरी जानकारी..
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New Soybean Varieties | इस वर्ष सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी बात यह है कि सोयाबीन के भाव में लंबे समय के बाद बढ़ोतरी हुई है। इससे सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों में सोयाबीन की खेती के प्रति पुनः उत्साह जगा है।
मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान सबसे अधिक सोयाबीन की खेती होती है। अमूमन प्रदेश में सोयाबीन की बोवनी का समय 20 जून से शुरू होकर जुलाई माह के सब प्रथम सप्ताह तक रहता है।
इस बीच किसान साथी सोयाबीन की अच्छी किस्मों की तलाश में जुट गए हैं। खरीफ सीजन के लिए सोयाबीन बीज की खरीदी बढ़ गई है।
किसानों की इसी जिज्ञासा को देखते हुए “चौपाल समाचार” के इस लेख में कृषि विश्वविद्यालयों से तथा बीज से क्षेत्र के श्रेष्ठ किसानों की अनुशंसा एवं आदर्श कृषि कार्यमाला से प्राप्त निष्कर्षों के अनुसार एवं वैज्ञानिकों एवं किसानों के यहाँ तकनीकी एवं व्यवहारिक दृष्टि से परखी गई इस वर्ष सबसे अधिक लोकप्रिय होने वाली दो प्रमुख नई सोयाबीन की किस्मों New Soybean Varieties की जानकारी दे रहा है, आप भी देखें पूरी डिटेल..
JS 9560 के समान अवधि में ही पकती है दोनों किस्में
मध्य भारत के किसानों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय सोयाबीन की 9560 New Soybean Varieties है। यह किस्म 90 दिनों की अवधि में पककर तैयार हो जाती है, लेकिन कुछ समय से इस किस्म में पीला मोजक एवं वायरस की समस्या अधिक आने लगी, जिसके कारण समय के साथ इसका उत्पादन प्रभावित होने लगा है।
किसान अब 90 दिनों की अवधि में पकने वाली सोयाबीन की किस्मों New Soybean Varieties की तलाश कर रहे हैं किसानों की इसी तलाश को जेएस की दो अन्य किस्मों ने पूरा किया है।
पिछले एक-दो वर्षों के दौरान तैयार हुई इन दोनों किस्मों ने जबरदस्त पैदावार देकर किसानों के बीच अपनी लोकप्रियता को साबित किया है। इन दोनों वैरायटियों की उत्पादन क्षमता और प्रमुख विशेषताओं की पूरी जानकारी नीचे दी जा रही है। New Soybean Varieties
सोयाबीन की नवीनतम अर्ली किस्म जे. एस. 24-33
जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्व विद्यालय, जबलपुर (म.प्र.) द्वारा वर्षो के गहन अनुसंधान के पश्चात एक नई सोयाबीन की अर्ली किस्म जे. एस. 24-33 अवधि लगभग 88-90 दिन विकसित की गई है. New Soybean Varieties
जो कि पूर्व में जारी परंपरागत सोयाबीन किस्मों 95-60 और 20-34 व अन्य से अधिक एडवांस किस्म तो है ही किन्तु बेहतर वायरस एवं कीट रोधक क्षमता, फुटने (शेटरिंग) की समस्या नही अच्छी उँचाई जो कि मेकेनिकल हर्वेस्टर के लिये उपयुक्त आदि गुणों के अतिरिक्त उच्च उत्पादन क्षमता के बहुगुणी विशेषताओं से युक्त है।
यह वैरायटी देश के मध्यक्षेत्र म.प्र., राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र में विदर्भ, मराठवाड़ा व उ.प्र. के बुदेलखण्ड क्षेत्र हेतु अनुशंसित की गई है। New Soybean Varieties
इस किस्म के दाने का आकार गोलाकार, मध्यम, बोल्ड पीला, चमकदार, हायलम का रंग काला 100 दानों का वजन लगभग 11.25 ग्राम अंकुरण क्षमता बहुत अच्छी लगभग 85-90 प्रतिशत पौधो का आकार अर्द्ध फैलाव वाला मध्यम अच्छी उँचाई वाला उँचाई लगभग 50 से. मि. मेकेनिकल हरवेस्ट के लिये उपयुक्त ब्रांचिग बहुत अच्छी सेमिइरेक्ट टाईप का पौधा होता है। फुलों का रंग परपल (बैंगनी) आधे फूल आने की अवधि लगभग 35 से 40 दिवस रहती है।
इसके अलावा फलियों का रंग भूरा (ब्राउन) रहता है। फलियाँ चीकनी होती है। येलो मोजेक चारकोल रॉट व जड़ सड़न के लिये प्रतिरोधी क्षमता सहनशीलता, कीटरोधक क्षमता पत्ती चुसने वाले व पत्ती काटने वाले कीटों के लिए प्रतिरोधी क्षमता / सहनशीलता आदि गुणों के कारण इस किस्म को मल्टीपल रेजीस्टेस वैरायटी की श्रेणी में रखा जा सकता है। New Soybean Varieties
आलू प्याज लहसुन मटर, डालर चना शरबती गेहूँ आदि अगाति फसल लेने वाले किसानों के लिये सोयाबीन की यह अर्ली किस्म वरदान सिद्ध होगी। इस किस्म की बीज दर 40 किलो प्रति एकड़ है लाईन से लाईन की दूरी 14 इंच रखना आदर्श रहेगा।
आदर्श परिस्थितियों में व्यवहारिक रुप से इस अर्ली किस्म की उच्च उत्पादन क्षमता का उपयोग करते हुए 30 क्विंटल या इससे अधिक उत्पादन प्रति हेक्टेयर लिया जा सकता है। New Soybean Varieties
सोयाबीन की नवीनतम अर्ली किस्म जे. एस. 23-03
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय (म.प्र.) द्वारा वर्षो की कड़ी मेहनत व गहन अनुसंधान के पश्चात सोयाबीन की नवीनतम अर्ली, चमत्कारी किस्म जे. एस. 23-03 तैयार की गई है। इसके पकने की अवधि अवधि लगभग 88 से 90 दिवस है। यह वैरायटी देश के मध्यक्षेत्र म.प्र. / राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र के विदर्भ मराठवाड़ा व उ.प्र. के बुन्देलखण्ड में बोवनी हेतु जारी की है। New Soybean Varieties
इस सोया जाति में जल्दी कटाई होने के गुण के कारण अगाती (अर्ली) रबी की फसलें लहसुन- आलू-प्याज, मटर, चना डॉलर चना, शरबती गेहूँ लेने वाले किसानों के लिये यह किस्म एक आदर्श विकल्प है।
इस वैरायटी के प्रमुख गुणों (केरेक्टर) में दाने का आकार गोलाकार, बोल्ड, पीला, चमकदार, बहुत आकर्षक हायलम काला, 100 दानों का वजन लगभग 12/13 ग्राम अंकुरण क्षमता बहुत अच्छी लगभग 85 / 90 प्रतिशत पौधें का आकार अर्द्ध फैलाव वाला होता है। New Soybean Varieties
फुलों का रंग परपल (बैंगनी) आधे फूल आने की अवधि लगभग 36 से 38 दिन फलियों का रंग भूरा (ब्राउन) फलियाँ रोएदार नहीं, चिकनी, फलियों में चटकने (शेटरिंग) की समस्या बिलकुल नही, तीन दाने की फलियाँ अधिक रहती है।
रोग प्रतिकार क्षमता येलो मोजेक, एंथेक्रोनोज, राइजोक्टेनिया, एरियल ब्लाईट व अन्य जड़ सड़न, चारकोल रॉट आदि रोगो एवं चुसने व काटने वाले कीटों के प्रति सहनशीलता एवं प्रतिरोधकता का गुण व अन्य कई प्रकार की बिमारीयों एवं कीट रोधी क्षमता / सहनशीलता के कारण इस किस्म को मल्टीपल रेजीस्टेस वैरायटी के रुप में भी जाना जावेगा। New Soybean Varieties
इस किस्म की बीज दर लगभग 40 किलो एकड़ या 100 से 110 किलो प्रति हेक्टेयर और लाईन से लाईन की दूरी 14 इंच रखने पर आदर्श उत्पादन मिलता है।
JS 23-03 से मिला 7 क्विंटल प्रति बीघा तक का उत्पादन
पिछले वर्ष जे. एस. 23-03 सोयाबीन की इस अर्ली किस्म ने पूर्व में प्रचलित अन्य सभी अर्ली सोयाबीन की किस्मों से 27 प्रतिशत अधिक उत्पादन देकर एक नया रेकार्ड बनाया है, इन्दौर में इस किस्म के 31.89 क्विंटल हेक्टेयर का उत्पादन दिया है। व्यवहारिक रूप से किसानों द्वारा भी इस किस्म का अधिकतम उत्पादन 7 क्विंटल बीघा तक भी लिया गया है। New Soybean Varieties
अन्त में सोयाबीन की यह अर्ली किस्म जिसका दाना व उत्पादन इतना आकर्षक है कि जो बाजार व किसान दोनों का दिल जीतकर शीघ्र ही यह किस्म कृषि क्षेत्र में सर्वोच्चता में नए आयाम बनाते हुए सोयाबीन की खेती में एक मील का पत्थर साबित होगी।
किसान साथी बीज के लिए यहां संपर्क करें
New Soybean Varieties किसानों के बीच वसुंधरा सीड्स विश्वास का प्रतीक बन चुका है। वसुन्धरा सीड्स से बीज लेने के लिए किसान साथी यहां संपर्क करें –
51, राजस्व कॉलोनी, टंकी पथ, उज्जैन (म.प्र.)
फोन : 2530547,
मो. : 9301606161, 9425332517
गोडाऊन : बड़ी उद्योगपुरी, मक्सी रोड, महावीर तोल कांटे के पास, गोल्डन टाइल्स के सामने, उज्जैन (म.प्र.)
मो. 9669176048, 7649839062
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





