मूंग में कीट व इल्ली नियंत्रण (Pest Control Advise) के लिए किसानों के लिए किसानों को क्या-क्या उपाय करना होंगे आइए जानते हैं..
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Pest Control Advise | गर्मियों में किसान साथी सबसे अधिक मूंग की खेती करते हैं। मूंग की फसल में रस चूसक कीट माहू, जैसिड, फल मक्खी, थ्रिप्स, मारूकाइल्ली एवं चने की इल्ली का प्रकोप देखा जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि इन कीटों के नियंत्रण के लिए अनुशंसित कीटनाशक का उपयोग करें। मूंग में बुवाई के 15-20 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण जरूरी, सही समय पर छिड़काव से उत्पादन सुरक्षित रहता है।
किसान साथी इमेजेथपायर, प्रोपाविचजाफॉप मिश्रण या अन्य दवाएं निर्धारित मात्रा में पानी घोलकर ही खेत में छिड़काव करें। खरपतवारनाशक का छिड़काव सुबह 10 बजे से पहले या शाम 4 बजे बाद करना ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित रहता है। मूंग की फसल में इस समय कीट नियंत्रण (Pest Control Advise) के लिए कौन-कौन से उपाय करना होंगे, आइए जानते हैं..
मूंग की फसल में इन कीटों का हुआ प्रकोप | Pest Control Advise
माहू कीट – शिशु व वयस्क माहू नये पौधे, पत्तियां, फलों एव फलियों पर समूह में इक्टठा होकर रस चूसती है, जिससे नयी पत्तियां सिकुड़ जाती हैं, यह अपने शरीर से मधु स्राव छोड़ते हैं, जिससे पत्तियों पर काली फफूंद लग जाती है।
जैसिड कीट – शिशु व वयस्क कीट पत्तियों की निचली सतह से रस चूसते है, जिससे पत्तियों के किनारे पीला पन लिये हुए तकनुमा हो जाते हैं। : Pest Control Advise
थ्रिप्स – थ्रिप्स ऊपर की पत्तियों, फूलों व फलियों को खाती हैं। पौधे छोटे रह जाते हैं व फलियों का बनना रुक जाता है।
सफेद मक्खी – फसल की शुरुआती अवस्था में इनका प्रकोप होता है, शिशु व वयस्क निचली सतह से पत्तियों का रस चूसते हैं, सफेद मक्खी पीला मोजेक वायरस का प्रमुख वाहक और फसल क्षति का मुख्य कारक है।
चने की इल्ली – इस कीट की सूंडी फली में गोलाकर छेद बनाकर सिर अंदर डालकर नुकसान पहुंचाती है। शुरूआत में पत्तियों को काट नुकसान करती है।
मारूकाइल्ली – सूंडी कलिकाओं, फूलों एवं फलियों में छेद करती है। : Pest Control Advise
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ऐसे करें माहु, जैसिड, थ्रिप्स व फल मक्खी का नियंत्रण
मूंग की फसल में माहु, जैसिड, थ्रिप्स व फल मक्खी आदि कीटों के नियंत्रण (Pest Control Advise) के लिए थायोमिथाक्जाम 25 डब्ल्यू. जी. या एसिटामिप्रिड 20 एस.पी. या थायोमिथाक्जाम + लेम्डासाइलोथ्रिन मात्रा 125 ग्राम प्रति हैक्टेयर या फिप्रोनिल इमिडाक्लोप्रिड मात्रा 150 ग्राम प्रति हैक्टेयर किसी एक दवा का छिड़काव करें। ध्यान रखें रसचूसक कीट नियंत्रण के लिए दूसरा छिड़काव दवा को बदल कर करें।
चने की इल्ली एवं मारूका इल्ली का नियंत्रण
Pest Control Advise | मूंग की फसल में चने की इडली एवं मारुका इल्ली के शुरूआती अवस्था में नियंत्रण के लिए इण्डोक्साकार्ब मात्रा 350 मिली प्रति हैक्टेयर या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 150 मिली प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें एवं बाद की अवस्था में नियंत्रण हेतु नोवाल्यूरॉन + इण्डोक्साकार्ब मात्रा 850 मिली या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल + लेम्डासाइलोथ्रिन मात्रा 200 मिली या इमाबैक्टिन + लूफीन्यूरॉन मात्रा 75 ग्राम प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें। ध्यान रखें कीटनाशक व फफूंदनाशक का छिड़काव सुबह या शाम को खेत में करें।
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





