न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को के लिए राहत मिलने वाली है (Wheat Purchase Limit) आईए जानते हैं डिटेल..
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Wheat Purchase Limit | मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय का कार्य चल रहा है। प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 9 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद का कार्य शुरू हो चुका है। वहीं, प्रदेश के बाकी संभागों में 15 अप्रैल से खरीद प्रक्रिया शुरू हुई। प्रदेश में इस साल 3627 उपार्जन केंद्र (खरीद केंद्र) बनाए गए हैं और 19 लाख 4 हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीकरण कराया है।
समर्थन मूल्य पर खरीदी के दौरान शुरुआती समय में किसानों को स्लॉट की बुकिंग शाहिद अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब किसानों को सरकार ने बड़ी राहत प्रदान कर दी है। इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी Wheat Purchase Limit के प्रक्रिया में तेजी आएगी, आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
सरकार ने स्लॉट बुकिंग के लिए यह शेड्यूल बनाया
राज्य सरकार इस बार सरकार छोटे किसानों को खरीदी में प्राथमिकता दे रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीदी शुरू किए जाने के पश्चात 10 बीघा से कम की कृषि भूमि वाले किसानों के स्लॉट बुक हो रहे हैं। सरकार ने वर्तमान में स्लॉट की बुकिंग छोटे किसानों के लिए उपलब्ध कराई है, लेकिन छोटे किसानों को भी स्लॉट बुकिंग के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। Wheat Purchase Limit
इसके साथ ही 10 बीघा से अधिक के खाते वालों किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं। विभागीय सूत्रों मुताबिक 2 हेक्टेयर से कम ज़मीन वाले किसान स्लॉट बुकिंग अभी चालू है।
आज अर्थात 16 अप्रैल से 2 से 5 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले किसान स्लॉट बुकिंग शुरू होने की संभावना है। इसके बाद अंत में 25 अप्रैल तक 5 हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसानों के स्लॉट बुक होंगे। वहीं प्रति बिघा 8.50 क्विंटल गेहूं अर्थात प्रति हेक्टेयर 42.5 क्विंटल गेहूं की ही खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। Wheat Purchase Limit
स्लॉट बुकिंग में आ रही थी यह समस्या
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के दौरान शुरुआत में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसकी प्रमुख वजह पर्याप्त मात्रा में वेयरहाउस खाली नहीं होना थे। यही कारण है कि सरकार ने सभी खरीदी केदो के लिए प्रतिदिन 1000 क्विंटल की मात्रा में उपज खरीदने की लिमिट की थी। Wheat Purchase Limit
यह खरीदी लिमिट होने के कारण किसानों को वेयरहाउस खाली नहीं मिल रहे थे। जिसके कारण स्लॉट की बुकिंग नहीं हो रही थी। जबकि देखा जाए तो एक खरीदी केंद्र पर प्रतिदिन 2000 से 2500 क्विंटल उपज की तुलाई हो सकती है। लेकिन इसके बावजूद 1000 क्विंटल की मात्रा तय होने के कारण पर्याप्त खरीदी नहीं हो रही थी।
सरकार ने किसानों को यह राहत
वेयरहाउस की लिमिट तय होने के कारण प्रतिदिन 1000 क्विंटल की ही तुलाई हो रही थी। सरकार ने अब इस लिमिट को बढ़ाकर 1500 क्विंटल प्रतिदिन की कर दी है। एक ट्राली में 45 क्विंटल गेहूं उपज का औसत लेकर चले तो पहले जहां 22 ट्रालियों की तुलाई हो रही थी, वहीं अब 33 ट्रालियों के तुलाई होने लगेगी, इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी। Wheat Purchase Limit
सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के पश्चात पर्याप्त मात्रा में वेयरहाउस खाली मिलने से स्लॉट की बुकिंग में आने वाली दिक्कत भी खत्म होगी। गौरतलब है कि ई-उपार्जन पोर्टल पर पहले से पंजीकृत किसान ही इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। स्लॉट बुकिंग के बाद किसान निर्धारित तारीख और समय पर ही खरीद केंद्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचेंगे, जिससे इंतजार और अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनेगी।
इधर, केंद्र सरकार ने यह दी छूट
इस वर्ष बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि के चलते गेहूं की फसल खराब हो गई। जिसके चलते गेहूं की गुणवत्ता व चमक खराब होने से किसान चिंतित हो उठे। किसानों की इसी पीड़ा को देखते हुए केंद्र सरकार ने खरीदी के नियमों में शिथिलता दी है। Wheat Purchase Limit
केंद्र सरकार ने गेहूं की गुणवत्ता में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए चमक में कमी की सीमा 50 प्रतिशत तक कर दी है। सिकुड़े व टूटे दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की है। इसी तरह क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इस निर्णय से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी फसल बे मौसम बारिश के कारण प्रभावित हुई है। Wheat Purchase Limit
अधिकारियों ने किसानों को यह दी सलाह
विभागीय अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन किसानों का बैंक ट्रायल फैल हुआ है वह बैंक में जाकर DBT करा लें या फिर INDIA POST BANK में खाता खुलवा लें। अन्यथा आपका स्लॉट बुक नहीं होगा, जिससे काफी परेशानियां होंगी बैंक जाकर DBT KYC जो भी होना है, जाकर अभी करा लें अभी समय है। Wheat Purchase Limit
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मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
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