बीटी संकर कपास की खेती BT Cotton Farming / बुवाई एवं उत्पादन की उन्नत तकनीकी के बारे में जानिए..
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BT Cotton Farming | देश के कई राज्यों में कपास की खेती की जाती है। ऐसे में कपास की बुवाई की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। बीटी कॉटन की बिजाई का उपयुक्त समय 1 से 20 मई है। इसके बाद पछेती बिजाई से बीटी कॉटन का उत्पादन कमजोर रहेगा। ऐसे में कपास की बुवाई 20 में तक चलेगी। कपास की खेती से किसानों को कम लागत पर अधिक पैदावार मिले, इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों द्वारा समय–समय पर सलाह जारी की जाती है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि किसान बीटी कपास का बीज प्रमाणित संस्था या अधिकृत विक्रेता से ही लें और इसका पुष्टिकृत यानी पक्का बिल जरूर लें। : BT Cotton Farming
इसके साथ ही किसान भाई खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराएं, ताकि मिट्टी की जांच का आधार पर ही पोषक तत्वों की मात्रा का प्रयोग किया जा सकें। कृषि वैज्ञानिकों ने बीटी संकर कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए और क्या-क्या सलाह जारी की है आईए जानते हैं..
BT Cotton Farming | अनुमोदित किस्मों की ही बुवाई करें
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि किसान खरीफ-2026 हेतु बीटी संकर कपास की अनुमोदित किस्मों की बुवाई करें एवं बीज खरीद का पक्का बिल अवश्य लेवें। बीटी संकर कपास की उन्नत वैरायटियां :–
RCH-650, 653, 314, 791, 776, 773, 605, 938, 951, 846, 926, 960, 1101, 1103 रासी सीड्स।
MRC-7365, 7361, 7301, 7041 VICH-309, 310, C-9313 महिको सीड्स।
KCH-999, 307, 172 कावेरी सीड्स।
MH-5408, 5302, 5304 टाटा रैलिस इंडिया सीड्स।
ACH-33-2, 133-2, 177-2, 155-2, 902-2, 999-2, 559-2, 955-2 अजीत सीड्स। : BT Cotton Farming
Ankur-3228, 3224, 3244, 5642, Jassi, 555, 101, Raghuvir अंकुर सीड्स।
Super-544, 721, 965, 971 सुपर सीड्स।
KSCH-207, 212 कोहिनूर सीड्स।
NCS-459, 855, 9002, 4455, 857, 558, 495 जीवे सीड्स।
PCH-225, 879 प्रभात एपो सीड्स।
PRCH-333 प्रवर्धन सौरा सीड्स।
Solar-75, 77 सोलर एग्रो सीड्स। : BT Cotton Farming
SWCH-4735, 4744, 4755 तीस वर्षा इंटर सीड्स।
KDCHH-441 कृधिन सीड्स।
25D33 धनलक्ष्मी कोप सीड्स।
507H878 एलबोराबो एग्री सीड्स।
बीटी संकर कपास की उन्नत खेती कैसे करें
BT Cotton Farming | बीटी कपास की बुवाई मई माह बुवाई कर सकते हैं। इसकी बुवाई का उपयुक्त समय 20 मई है। साधारणतया बीटी कपास की बीज दर 450 ग्राम प्रति बीघा रखें। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि बीटी कपास की बुवाई कतार से कतार की दूरी 108 सेंटीमीटर (42 इंच) व पौधे से पौधे की दूरी 60 सेंटीमीटर (24 इंच) पर बीज रोपकर करें अथवा 67.5 x 90 सेंटीमीटर (27 x 35 इंच ) की दूरी पर बुवाई करें।
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की ओर से कपास की खेत के लिए जारी यह की गई एडवाइजरी के मुताबिक किसानों को जून के महीने में नरमा की बिजाई नहीं करनी चाहिए। किसान बिजाई से पहले गहरा पलेवा लगाएं। बिजाई का काम सुबह या शाम के समय ही किया जाना चाहिए। : BT Cotton Farming
किसान जहां तक हो पूर्व से पश्चिम दिशा में ही कपास की बिजाई करें, इससे अधिक लाभ होता है। किसान खेत की तैयारी सुबह या शाम को ही करें। खरपतवार के लिए स्टॉम्प दो लीटर प्रति एकड़ का छिड़काव बिजाई के बाद या जमाव से पहले करें। कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार वर्तमान में गुलाबी सुंडी के प्रति बीटी का प्रतिरोधक बीज उपलब्ध नहीं है, ऐसे में किसान 3 जी, 4जी और 5 जी के नाम से आने वाले बीजों से सावधान रहें और इनकी खरीद नहीं करें।
अधिकृत दुकान से ही खरीदें बीटी कपास का उन्नत बीज
BT Cotton Farming | बीटी कपास के उन्नत बीज कृषि विभाग की ओर से अधिकृत कृषि आदान विक्रेताओं से प्राप्त किया जा सकता है। किसान अपने जिले के कृषि विभाग द्वारा अधिकृत कृषि आदान विक्रेताओं की सूची प्राप्त कर सकते हैं।
बीटी कपास के लिए खाद एवं उर्वरक
बीटी कपास में नाईट्रोजन की पूर्ति के लिए कुल 80 किलोग्राम यूरिया प्रति बीघा देने की आवश्यकता होती है। इसे तीन हिस्सों में दें एक तिहाई मात्रा बुवाई के समय एक तिहाई मात्रा प्रथम सिंचाई के साथ विरलीकरण के समय एक तिहाई मात्रा कलियां बनते समय सिंचाई के साथ दें। : BT Cotton Farming
बीटी कपास में फास्फोरस की पूर्ति के लिए डीएपी 22 किलोग्राम प्रति बीघा अथवा 62.5 किलोग्राम प्रति बीघा मात्रा सिंगल सुपर फास्फेट बुवाई के समय दे। बीटी कपास में पोटाश एमओपी 60% की 15 किलो मात्रा बुवाई के समय दें।
सूक्ष्म तत्व सिफारिश | BT Cotton Farming
मृदा जांच के आधार पर जिंक तत्व दें। कपास में 33% जिंक की 4 किलोग्राम मात्रा प्रति बीघा अथवा 21% जिंक कि 6 किलो मात्रा प्रति बीघा का मिट्टी में छिड़काव कर मिला देवें।
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





