MP Farmer News : इस बार मानसून सामान्य। प्रदेश के 24 जिलों में उज्जैन संभाग में सूखे का ज्यादा खतरा। मोहन सरकार अलर्ट।
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MP Farmer News | देशभर के अधिकतर राज्यों में मानसून छा गया है, लेकिन इस बार मानसून के लेट होने से समय पर खरीफ फसलों की बुवाई ना हो सकी है। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका के बीच राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के बाद सरकार ने 24 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली है। सबसे अधिक चिंता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह संभाग उज्जैन को लेकर है, जहां सबसे अधिक वर्षा की कमी रहने की आशंका जताई गई है।
सरकार ने इन जिलों में किसानों को कम पानी वाली फसलें अपनाने, वैकल्पिक बीज उपलब्ध कराने, सिंचाई और जल संरक्षण के इंतजाम बढ़ाने तथा जिला स्तर पर माइक्रो प्लान लागू करने की तैयारी कर ली है। MP Farmer News
राजस्व और कृषि विभाग ने सूखे जैसी स्थिति बनने से पहले ही राहत और बचाव की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। सीएम मोहन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि, सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
प्रदेश के कई जिलों में 60% तक कम बारिश
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में इस बार सामान्य वर्षा का केवल 90 से 94 प्रतिशत होने का पूर्वानुमान दिया है। 1 जून से 1 जुलाई तक सामान्य 139.7 मिमी की तुलना में केवल 92.4 मिमी वर्षा हुई, यानी 47 मिमी की कमी दर्ज की गई। MP Farmer News
मानसून के दूसरे चरण में भी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। कई जिलों में पहले ही सामान्य से 20 से 60 प्रतिशत तक वर्षा घाटा दर्ज हो चुका है। यदि जुलाई और अगस्त में भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। MP Farmer News
प्रदेश में इन 24 जिलों में सूखे की आशंका
जानकारी के मुताबिक, सरकार ने जिन 24 जिलों के लिए विशेष रणनीति तैयार की है, उनमें उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, गुना, दतिया, ग्वालियर और भिंड शामिल हैं। MP Farmer News
इन सभी जिलों में कृषि गतिविधियों और वर्षा की स्थिति की लगातार निगरानी होगी और जरूरत के अनुसार अलग-अलग एडवाइजरी जारी की जाएगी। बता दें कि, इनमें सबसे अधिक चिंता उज्जैन संभाग के जिलों को लेकर जताई गई है।
सरकार की सबसे बड़ी तैयारी क्या है?
सरकार ने संभावित सूखे से पहले ही कृषि और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 24 जिलों के लिए विशेष एडवाइजरी तैयार की गई है। सात जिलों में विस्तृत माइक्रो प्लानिंग होगी और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से लगातार तकनीकी निगरानी की जाएगी। MP Farmer News
किसानों को मौसम के अनुसार खेती करने की सलाह मोबाइल, सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों से दी जाएगी। जिला स्तर पर अधिकारियों को हालात की रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को क्या करना होगा?
सरकार किसानों को कम अवधि और कम पानी वाली फसलें अपनाने की सलाह देगी। दलहन, तिलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ाने पर जोर रहेगा। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार, वैकल्पिक फसल चयन कराया जाएगा। रिज एंड फरो, रेज्ड बेड और डायरेक्ट सीडेड राइस जैसी वैज्ञानिक खेती तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि कम पानी में भी उत्पादन प्रभावित न हो। MP Farmer News
बीज और सिंचाई के लिए क्या इंतजाम होंगे?
सरकार ने वैकल्पिक फसलों के पर्याप्त बीज उपलब्ध कराने और समय पर वितरण की योजना बनाई है। मनरेगा के माध्यम से खेत तालाब, जल संरक्षण और जल संरचनाओं के निर्माण व मरम्मत पर काम होगा। उपलब्ध जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग कराया जाएगा और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि कम पानी में भी खेती जारी रह सके। MP Farmer News
सूखा पड़ा तो सरकार क्या करेगी?
राजस्व विभाग ने वर्ष 2020 की सूखा नीति के अनुसार पूरी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। खरीफ फसलों के लिए 31 अक्टूबर तक और रबी फसलों के लिए 31 मार्च तक सूखे की घोषणा की जा सकेगी। MP Farmer News
विभाग के पास राहत कार्यों के लिए 20.9 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राशि भी जारी की जाएगी। सभी जिलों से क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान तैयार करा लिए गए हैं और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





