मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को खाद (Fertilizer for Rabi Season) की पर्याप्त खाद मिले, इसके लिए अहम फैसला लिया है। 20 अगस्त से प्रदेशभर में अभियान चलेगा, देखें डिटेल..
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
Fertilizer for Rabi Season | रबी सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशानी न हो, इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार 20 अगस्त से प्रदेशव्यापी ‘हर किसान हर घर, हर खेत खाद’ अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान के तहत रबी फसलों की जरूरत के मुताबिक उर्वरक की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने और किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। कृषि विभाग का दावा है कि प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। : Fertilizer for Rabi Season
कृषि विभाग के अनुसार, भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक का मिलान करने के लिए 14 अगस्त की शाम से खाद की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। 15 और 16 अगस्त को अवकाश के कारण भी बिक्री बंद रही। स्टॉक मिलान की प्रक्रिया 16 अगस्त की शाम तक पूरी होने के बाद 17 अगस्त से प्रदेश में खाद का वितरण दोबारा शुरू करने की तैयारी है।
Fertilizer for Rabi Season | पिछले साल से दोगुने से ज्यादा यूरिया का स्टॉक
कृषि सचिव निशांत वरवड़े के अनुसार, एक अप्रैल 2026 से अब तक प्रदेश में 17.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हुआ है। इसमें से किसानों ने 12.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उठाव किया है। वर्तमान में प्रदेश में 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। पिछले वर्ष इसी अवधि में प्रदेश में यूरिया का स्टॉक महज 1.60 लाख मीट्रिक टन था।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
प्रदेश में डीएपी-एनपीके का भी पर्याप्त भंडार
Fertilizer for Rabi Season | डीएपी और एनपीके की स्थिति भी संतोषजनक बताई गई है। एक अप्रैल से अब तक प्रदेश में 11.20 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके उपलब्ध हुआ, जिसमें से 7.09 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। वर्तमान में 4.10 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके का स्टॉक मौजूद है। पिछले साल इसी समय यह स्टॉक 3 लाख मीट्रिक टन था।
एसएसपी का 3.17 लाख मीट्रिक टन भंडार
Fertilizer for Rabi Season | एसएसपी की उपलब्धता भी पर्याप्त है। एक अप्रैल 2026 से अब तक प्रदेश में 6.78 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध हुआ है। किसानों ने इसमें से 3.61 लाख मीट्रिक टन का उठाव किया है। वर्तमान में 3.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भंडार प्रदेश में मौजूद है।
बुवाई के समय नहीं होगी खाद की किल्लत
सरकार का लक्ष्य है कि रबी सीजन में किसानों को बुवाई के समय खाद के लिए भटकना न पड़े। 20 अगस्त से शुरू होने वाले अभियान के तहत रबी फसलों की जरूरत का आकलन कर इसी महीने से उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। विभाग का मानना है कि स्टॉक मिलान के बाद वितरण व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित होगी तथा किसानों को खाद प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी नहीं होगी। : Fertilizer for Rabi Season
कृषि योजना खेती किसानी, मंडी, भाव लेटेस्ट बिजनेस एवं टेक की जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कर सकते है।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़े।
ये भी पढ़े ..120 दिनों तक बिना कीटनाशक फलों को देगा सुरक्षा, ICAR ने किसानों के लिए तैयार किया ‘शतपदा फ्रूट फ्लाई ट्रैप’
इफको-एमसी क्रॉप साइंस ने लॉन्च किए दो नए उत्पाद, धान की बीमारियों पर मिलेगा प्रभावी नियंत्रण
केंद्र सरकार के एक फैसले के पश्चात एमपी के कई जिलों के किसानों की चमकेगी किस्मत, डिटेल जानिए..
प्रिय किसानों…! चौपाल समाचार में आपका स्वागत हैं, हम कृषि विशेषज्ञों कृषि वैज्ञानिकों एवं शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं के विशेषज्ञ द्वारा गहन शोध कर Article प्रकाशित किये जाते हैं आपसे निवेदन हैं इसी प्रकार हमारा सहयोग करते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे। आप हमारे टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप से नीचे दी गई लिंक के माध्यम से जुड़कर अनवरत समाचार एवं जानकारी प्राप्त करें।
नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
आपके साथ के लिए धन्यवाद …





