मध्य प्रदेश सरकार ने MSP Moong Purchase मूंग की खरीदी को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है आईए जानते हैं पूरी डिटेल..
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MSP Moong Purchase | मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई किसान अब तीसरी फसल के रूप में मूंग की खेती करने लगे हैं। प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल अब पक चुकी है ऐसे में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग के विक्रय हेतु पंजीयन की मांग कर रहे थे।
मध्य प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी हेतु पंजीयन की तिथियां का ऐलान कर दिया है। हालांकि दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष खरीदी (MSP Moong Purchase) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है आईए जानते हैं क्या रहेगी इस वर्ष मूंग खरीदी की पूरी प्रक्रिया..
25 मई से शुरू होंगे पंजीयन
प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27 ) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP Moong Purchase) 8768 रुपए पर खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर रही है। किसान 25 मई से 15 जून तक पंजीयन करा सकेंगे।
मूंग खरीदी के यह है नए नियम
सरकार ने मूंग और उड़द की खरीदी के लिए इस बार नियमों में बड़ा बदलाव किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस बार खरीदी केंद्रों पर किसानों की पहचान ओटीपी से नहीं होगी। शासन के नए निर्देशों के मुताबिक आधार- सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल एप से फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रहेगा।
यानी किसान को सरकारी खरीदी केंद्र पर अपना चेहरा स्कैन कराकर पहचान सत्यापित करनी होगी। यदि किसान खुद खरीदी केंद्र नहीं पहुंच पाता है तो वह 3 अधिकृत व्यक्तियों के नाम और आधार नंबर दे सकेगा। हालांकि इन प्रतिनिधियों का भी फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रहेगा। एक व्यक्ति अधिकतम 3 किसानों की ओर से उपज बेच सकेगा। (MSP Moong Purchase)
पंजीकृत रकबे का 25% उत्पादन ही खरीदेगी सरकार
कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मूंग की पूरी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाएगी। पंजीकृत किसानों के कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इससे किसानों में चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि बाकी 75 प्रतिशत उपज उन्हें मंडी में औने-पौने दाम पर व्यापारियों को बेचनी पड़ेगी। वहीं पंजीयन के दौरान किसानों को आधार से लिंक बैंक खाता नंबर देना अनिवार्य होगा। खरीदी का भुगतान सीधे उसी खाते में किया जाएगा। स्लॉट चयन की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। (MSP Moong Purchase)
सरकार पूरी मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदे
सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि यदि मंडियों में मूंग का औसत भाव नयूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे जाता है तो राज्य सरकार अलग से निर्णय लेकर खरीदी शुरू कर सकती है। इस नियम से किसानों में आक्रोश है। किसानों की लगातार मांग है कि सरकार पूरी मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदे।
वहीं नए नियम के बाद किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने पूरी मूंग की फसल समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी तो आंदोलन किया जाएगा। किसानों को अपने हक के लिए हर बार आंदोलन करना पड़ रहा है। इस बार भी किसान पीछे नहीं हटेगा। (MSP Moong Purchase)
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
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