सोलर पंप योजना (Solar Pump Scheme) के तहत किसानों को 45 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता तक का प्रावधान, देखें डिटेल..
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Solar Pump Scheme | राजस्थान के किसानों के लिए सिंचाई की बढ़ती लागत कम करने की दिशा में सौर ऊर्जा एक बड़ा विकल्प बनकर सामने आ रही है।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) के कंपोनेंट-बी के तहत ऑफ-ग्रिड सोलर पंप परियोजना में पात्र किसानों को सोलर पंप की आधार लागत पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
Solar Pump Scheme योजना से विशेष रूप से वे किसान लाभान्वित हो सकते हैं, जो कृषि बिजली कनेक्शन के अभाव में डीजल पंप से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य सौर ऊर्जा को सिंचाई का माध्यम बनाकर किसानों की डीजल पर निर्भरता कम करना, खेती की लागत घटाना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।
40 प्रतिशत राशि किसान को देनी होगी
योजना के तहत सोलर पंप की आधार लागत का अधिकतम 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दिया जाएगा। शेष 40 प्रतिशत राशि किसान को स्वयं वहन करनी होगी। किसान अपनी हिस्सेदारी में से 30 प्रतिशत तक राशि बैंक ऋण के रूप में भी प्राप्त कर सकता है। इससे सोलर पंप लगाने के लिए किसान को एकमुश्त बड़ी राशि खर्च करने की जरूरत कम हो सकती है। Solar Pump Scheme
SC-ST किसानों को 45 हजार रुपए अतिरिक्त
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए योजना में विशेष प्रावधान किया गया है। पात्र SC और ST किसानों को प्रति सोलर पंप 45 हजार रुपए का अतिरिक्त अनुदान राज्य मद से दिया जाएगा। इससे इन किसानों के लिए सोलर पंप की लागत और कम हो सकती है। Solar Pump Scheme
10 HP तक पंप, लेकिन अनुदान 7.5 HP तक
किसान योजना के तहत 3 HP, 5 HP, 7.5 HP और 10 HP क्षमता के सोलर पंप लगवा सकते हैं। हालांकि सरकारी अनुदान अधिकतम 7.5 HP क्षमता तक ही देय होगा। 10 HP पंप लगाने पर निर्धारित सीमा से अधिक क्षमता की लागत किसान को स्वयं वहन करनी पड़ सकती है। Solar Pump Scheme
यह किसान होंगे पात्र
किसान के पास सिंचाई के लिए कृषि बिजली कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
किसान सिंचाई के लिए डीजल चालित पंप सेट का इस्तेमाल करता हो।
किसान के नाम पर कम से कम 0.4 हेक्टेयर भूमि होना जरूरी है। Solar Pump Scheme
अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के ST किसानों के लिए 3 HP और 5 HP पंप पर न्यूनतम भूमि सीमा 0.2 हेक्टेयर है।
डिग्गी, फार्म पॉण्ड, जलहौज या अन्य जल संग्रहण ढांचा रखने वाले किसान भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर पात्र हो सकते हैं।
बारिश का पानी जमा कर सोलर पंप से खेत तक पहुंचाएं
योजना में जल संरक्षण को भी महत्व दिया गया है। खेत में डिग्गी, फार्म पॉण्ड या जलहौज जैसी व्यवस्था होने पर किसान बारिश का पानी जमा कर सकते हैं और जरूरत के समय सोलर पंप की मदद से उसे खेतों तक पहुंचा सकते हैं। इससे वर्षा जल के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है। Solar Pump Scheme
ड्रिप और स्प्रिंकलर अपनाने पर जोर
सोलर पंप के साथ पानी की बचत पर भी सरकार का जोर है। किसानों को ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रीन हाउस, शेडनेट हाउस, पॉली हाउस और लो-टनल जैसी संरचनाओं में भी पानी बचाने वाली तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। Solar Pump Scheme
डीजल की बचत से घट सकती है खेती की लागत
सोलर पंप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सिंचाई के लिए बार-बार डीजल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे किसानों के नियमित सिंचाई खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है। डीजल की खपत घटने से प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है। Solar Pump Scheme
एक नजर में पूरी योजना
योजना: PM-KUSUM कंपोनेंट-बी
पंप क्षमता: 3 से 10 HP
अधिकतम अनुदान: 60 प्रतिशत तक
अनुदान सीमा: अधिकतम 7.5 HP तक Solar Pump Scheme
SC-ST किसानों को अतिरिक्त सहायता: 45,000 रुपए प्रति पंप
किसान की हिस्सेदारी: 40 प्रतिशत
बैंक ऋण: किसान की हिस्सेदारी में 30 प्रतिशत तक
सामान्य न्यूनतम भूमि: 0.4 हेक्टेयर
ST क्षेत्र के ST किसानों के लिए (3/5 HP): 0.2 हेक्टेयर
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नमस्कार किसान साथियों….
मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
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