मानसून अनुमान घटा, सूखे का खतरा बढ़ा: स्काईमेट ने मानसून को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया, देखें डिटेल..

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर चिंता। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने मानसून को लेकर नया अपडेट (Monsoon Update) जारी किया।

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Monsoon 2026 | देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर चिंता और गहरा गई है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने अपने पूर्वानुमान में बड़ा बदलाव करते हुए पूरे सीजन की बारिश का अनुमान घटाकर दीर्घकालिक औसत (LPA) के 85 प्रतिशत तक कर दिया है, जबकि अप्रैल में एजेंसी ने यह अनुमान 94 प्रतिशत लगाया था।

स्काईमेट के मुताबिक अब देश में 70 प्रतिशत तक सूखे की आशंका बन गई है, जिसकी बड़ी वजह मजबूत होते अल नीनो और कमजोर हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की स्थितियां हैं। नए Monsoon Update अनुमान के बाद देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और संभावित सूखे को लेकर चिंता और बढ़ गई है। देखें डिटेल…

Monsoon Update : मानसून के अनुमान में 9 प्रतिशत की कमी

स्काईमेट के ताजा आकलन के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बारिश दीर्घकालिक औसत की 85 प्रतिशत तक रह सकती है। अप्रैल में यही अनुमान 94 प्रतिशत था। यानी शुरुआती अनुमान की तुलना में बारिश के पूर्वानुमान में करीब 9 प्रतिशत की कमी की गई है। मानसून देश की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए बारिश में संभावित कमी का सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ सकता है।

सितंबर से अल नीनो का असर बढ़ने के संकेत

Monsoon Update | स्काईमेट के मुताबिक, मौसम की परिस्थितियों में बदलाव के कारण सितंबर से सुपर अल नीनो के प्रभावी होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। एजेंसी का अनुमान है कि इसका प्रभाव दिसंबर तक बना रह सकता है। अल नीनो की स्थिति आमतौर पर प्रशांत महासागर के समुद्री तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव से जुड़ी होती है तथा इसका असर वैश्विक मौसम पर पड़ सकता है।

सूखे की आशंका 70 प्रतिशत तक

मानसून के कमजोर रहने की संभावना के साथ देश में सूखे का खतरा भी बढ़ गया है। स्काईमेट ने सूखे की आशंका 70 प्रतिशत तक जताई है। वैज्ञानिक मानकों के अनुसार, यदि पूरे मानसून सीजन (Monsoon Update) में बारिश दीर्घकालिक औसत की 90 प्रतिशत से कम रहती है तो उसे सूखे की स्थिति की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में 85 प्रतिशत बारिश का अनुमान सामान्य से काफी नीचे है।

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फिलहाल कई इलाकों में बारिश का दौर

हालांकि, वर्तमान मौसम की तस्वीर मानसून (Monsoon Update) के कमजोर होने के अनुमान से अलग दिखाई दे रही है। मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कई स्थानों पर भारी बारिश हो रही है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना बनी हुई है।

झारखंड-बिहार के ऊपर निम्न दबाव सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार झारखंड और बिहार के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी होने की संभावना है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ आसपास के राज्यों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

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मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश की संभावना | Monsoon Update

निम्न दबाव के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी बादल सक्रिय रह सकते हैं। मौसम की स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

पश्चिमी यूपी और उत्तर-पूर्वी एमपी में भी बारिश

पश्चिमी उत्तरप्रदेश और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में किसानों को खेतों में पानी की निकासी और फसलों की स्थिति पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में अतिरिक्त पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है।

किसानों के लिए मौसम आधारित प्रबंधन जरूरी

मानसून (Monsoon Update) के बदलते रुख को देखते हुए किसानों को फसल प्रबंधन की योजना मौसम के अनुसार बनाने की सलाह दी गई है। जहां भारी बारिश की संभावना है, वहां खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखना जरूरी है। वहीं कम बारिश वाले क्षेत्रों में उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन और सिंचाई की योजना पहले से तैयार रखना उपयोगी होगा।

Monsoon Update | स्थानीय मौसम की जानकारी पर रखें नजर

किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेती से जुड़े फैसले केवल सामान्य मानसून पूर्वानुमान (Monsoon Update) के आधार पर न लें, बल्कि अपने जिले और क्षेत्र की स्थानीय मौसम चेतावनियों पर भी नजर रखें। बारिश की मात्रा और अवधि में स्थानीय स्तर पर बड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए मौसम में बदलाव के अनुसार बुवाई, सिंचाई, कीटनाशक छिड़काव और कटाई जैसे कृषि कार्यों की योजना बनाना बेहतर रहेगा।

आगे का मानसून रहेगा अहम | Monsoon Update

स्काईमेट के नए अनुमान ने मानसून के शेष दौर को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पूर्वी और मध्य भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन सितंबर से अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए मानसून की आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। आने वाले सप्ताहों में बारिश का वास्तविक वितरण ही यह तय करेगा कि देश के विभिन्न हिस्सों में जल उपलब्धता और कृषि पर इसका कितना असर पड़ेगा।

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