जुलाई माह में बोई जाने वाली मक्का की संकर व बायोफोर्टिफाइड किस्मों की जानकारी देखें..

किसानों के लिए फायदेमंद रहने वाली मक्के की संकर व बायोफोर्टिफाइड किस्में (Maize Biofortified Varieties) कौन-कौन सी है, आईए जानिए जानते हैं..

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Maize Biofortified Varieties | इस वर्ष मानसून भले ही देर से एक्टिव हुआ हो, लेकिन अब धीरे-धीरे मानसून ने गति पकड़ ली है। देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का क्रम चल रहा है। मानसून की सक्रियता के साथ-साथ खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य भी हो रहा है। खरीफ फसलों में कई किसान साथी मक्के की खेती भी करते हैं। ऐसे में मक्का की अच्छी पैदावार और फायदा लेने के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना होगा एवं उन्नत एवं बायोफर्टिफाइड किस्में (Maize Biofortified Varieties) कौन-कौन सी है, आईए जानते हैं..

मक्का की अच्छी पैदावार के लिए यह करें

मक्का की खेती के लिए रेतीली दोमट व दोमट मिट्टी और अच्छे जल निकासी वाले खेतों का चयन करें। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि मक्के की फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए किसान साथी 4-5 जुताई कर दो बार सुहागा लगाएं, ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए और खेत में ढेले न रहें। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि मक्का की बिजाई केवल ऊंचे इलाकों में ही करें, जहां पानी की निकासी हो सकें। मक्का फसल की बिजाई मध्य जुलाई तक पूरी कर लें। (Maize Biofortified Varieties)

मक्का की यह वैरायटियां देगी अच्छा मुनाफा

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने बताया कि सामान्य मक्का की लंबी व मध्यम अवधि के सिफारिश सुधा एकल संकर किस्में और बायोफोर्टीफाइड मक्का की पूसा एचएम 4, पूसा एचक्यूपीएम 1 इम्प्रूवड, पूसा एचक्यूपीएम 5 इम्प्रूवड, एचक्यूपीएम 1, एचक्यूपीएम 4 और एचक्यूपीएम 5 संकर किस्मों (Maize Biofortified Varieties) का ही प्रयोग करना चाहिए। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक टेम्बोट्रियोन लोडिस 42 एससी 115 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से बिजाई के 20-25 दिन बाद 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। एक एकड़ खेत के लिए 8 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

मक्के की बिजाई के पहले बीजोपचार जरूर करें

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि मक्का में फॉल आर्मीवर्म फॉ सर्वाधिक हानिकारक कीट है फॉ की रोकथाम के लिए क्लोरट्रानिलीप्रोल 19.8 थायमेथोक्सम 19.8: कीटनाशी द्वारा 6 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज कि दर से शाम को बीजोपचार करें व सुबह बिजाई करें। इससे दीमक व तना छेदक की रोकथाम भी हो जाएगी। फसल को बीमारियों से बचाने के लिए थीरम 4 ग्राम / किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें। बीज को बिजाई से 4-5 घंटे पहले उपचारित करें। (Maize Biofortified Varieties)

इस तरीके से करें मक्के की बिजाई  

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मक्के की बिजाई करने से अच्छी पैदावार मिलेगी कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि किसान साथी मक्के की बिजाई पूर्व-पश्चिम दिशा में मेढ़ बनाकर, मेढ़ के दक्षिण दिशा में उपचारित बीज से 4-6 सेंटीमीटर गहरी बीजाई करें। बाद में आधा खूड़ की ऊंचाई तक पानी लगाने से जमाव ज्यादा व जल्दी होता है। बिजाई यदि न्यूमैटिक प्लांटर द्वारा चौड़ा खूड विधि का उपयोग करके की जाए तो जमाव अधिक होता है व पानी की भी 30-35 बचत होती है। (Maize Biofortified Varieties)

खाद व उर्वरक का प्रबंध ऐसे करें

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मक्के की फसल से ज्यादा पैदावार लेने के लिए गोबर की खाद 60 क्विंटल प्रति एकड़ खेत की तैयारी से पहले डालें। सामान्य दशाओं में 50 किग्रा डीएपी 40 किग्रा एमओपी व 37 किलोग्राम यूरिया का प्रयोग बुवाई के समय करें। (Maize Biofortified Varieties)

खरपतवार नियंत्रण के लिए यह करें 

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि खरपतवार नियंत्रित के लिए 600 ग्राम एट्राजिन 50: डब्ल्यूपी को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से बिजाई के 1-2 दिन बाद या खरपतवार अंकुरण से पहले छिड़काव करें।

कीट नियंत्रण के लिए यह करें 

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मक्के की फसल में फॉल आर्मी वर्म सबसे खतरनाक कीट होता है। इसका पता लगाने के लिए खेत में 5 फिरोमोन पिंजरा प्रति एकड़ की दर से बिजाई के बाद लगाएं। क्लोरेनट्रेनिलीप्रोल 18.5 एससी 80 मिलि. प्रति एकड़ या स्पाइनटोराम एससी 100 मिली का 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। (Maize Biofortified Varieties)

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