सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting) में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया।
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Cabinet Meeting | भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया। अब विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से किए जाने वाले भू अर्जन पर चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए 2015 के नियम में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही बैठक (Cabinet Meeting) में मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। शेल्टर होम में मरीज के परिजनों को रुकने और खाने की व्यवस्था सस्ती दरों पर मिल सकेगी।
यह व्यवस्था निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी लागू होगी। बैठक में यह भी तय हुआ है कि अगले 5 सालों में सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के विकास पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं, राज्य में अलग-अलग निर्माण कार्यों के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इधर, कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू करने का Cabinet Meeting फैसला लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जमीन अधिग्रहण पर चार गुना तक मुआवजा मिलेगा।
भूमि देने में किसान क्यों करते थे आनाकानी?
Cabinet Meeting | अब गुणांक दो तक भू अर्जन के लिए होगा। अभी यह एक था, जिसके कारण किसानों को भू अर्जन की स्थिति में दो गुना राशि ही मिल पाती थी। इसके कारण किसान भूमि देने में आनाकानी करते थे, जिसका असर परियोजनाओं पर पड़ता था।
बता दें कि, भारतीय किसान संघ सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों ने भूमि अर्जन के लिए दिए जाने वाले मुआवजे के राशि को बढ़ाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने इस विषय की निराकरण के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप की समिति बनाई थी।
Cabinet Meeting | सामाजिक संस्थाएं बनाएंगी पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम
मध्य प्रदेश में पहली बार मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन अस्पतालों में आते हैं, लेकिन उन्हें ठहरने के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे।
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स्वास्थ्य विभाग चरणबद्ध तरीके से वर्तमान में संचालित 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए सामाजिक संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करेगा। सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि भवन निर्माण से लेकर बिजली-पानी सहित सभी व्यवस्थाएं संस्थाएं स्वयं करेंगी। : Cabinet Meeting
मरीजों के परिजनों के ठहरने और भोजन के लिए एक समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी। इस व्यवस्था में सामाजिक संस्थाएं लाभ कमाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाजसेवा के भाव से सहभागी बनेंगी।
उज्जैन में 157 करोड़ की सिंचाई परियोजना
Cabinet Meeting में उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिली है, जिससे 35 गांवों को लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने पुनर्वास पैकेज के तहत छिंदवाड़ा जिले के लिए 128 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि मंजूर की है।
छात्रों को साइकिल बांटने पर 990 करोड़ खर्च
Cabinet Meeting | सरकार अगले 5 सालों में कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल देने के लिए 990 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के लिए 1200 करोड़ : शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया गया है।
सीएम केयर योजना 2026 को मंजूरी
कैबिनेट (Cabinet Meeting) ने सीएम केयर योजना 2026 की निरंतरता को मंजूरी दी है। इस योजना पर 5 सालों में 3628 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि नारी शक्ति वंदन के तहत महिला सशक्तिकरण के लिए एक दिन का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
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मेरा नाम जयदीप मालवीय है और मैं एक कॉलेज छात्र हुं। मुझे 10वीं से ही खेती किसानी पर कंटेंट लिखने में गहरी रुचि है। साथियों, हम देखते है कि कई किसान भाइयों को खेती में कम उत्पादन एवं लागत ज्यादा आती है, जिससे उन्हें मुनाफा कम होता है। इसका प्रमुख कारण अभी भी खेती का परंपरागत तरीका अपनाया जाना है। किसान साथी खेती के परंपरागत तरीके से निकल कर आधुनिक तरीके अपनाएं, तभी खेती मुनाफे का सौदा साबित होगी। किसानों को नई नई जानकारी मिलते रहे और कम लागत में उनकी आय में बढ़ोतरी हो यही मेरा मकसद है। इसी को देखते हुए मैं डिजिटल वेबसाइट के जरिए किसानों को सटीक एवं सही जानकारी देने का प्रयास करता हुं। हमारा तरीका सरल और समझने योग्य होता है, ताकि हमारे किसान भाइयों को आसानी से अच्छी-अच्छी जानकारी मिलती रहे और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। मैं पिछले 4 साल से किसानों के लिए कंटेंट लिख रहा हूं और यही चाहता हुं की मैं आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को नई नई जानकारी से अवगत करवाता रहूं।
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