जून महीने की गर्मी व सूखे मौसम के कारण गन्ने की फसल में बढ़ा कीटों का प्रकोप, बचाव के लिए किसान साथी यह करें..

गन्ने की फसल को मौसमी कीटों से बचाने के लिए कौन-कौन से उपाय करना होंगे, आइए Sugarcane Cultivation Tips से जानते हैं..

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Sugarcane Cultivation Tips | इस वर्ष मानसून की अनियमितता के कारण अभी तक जून के महीने में पर्याप्त बारिश नहीं हो पाई है। एक तो मानसून देरी से पहुंचा वहीं अभी तक सभी राज्यों में सक्रिय नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण गन्ने की फसल में अब मौसमी कीटों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।

ऐसी स्थिति को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव Sugarcane Cultivation Tips जारी किया है कि खेतों में पर्याप्त देखरेख करते रहें। जून महीने की यह भीषण गर्मी और सूखा मौसम गन्ने के दुश्मनों यानी कीटों के लिए सबसे माकूल वक्त होता है। इन कीटों से बचाव करने के लिए कौन-कौन से उपाय करना होंगे, आइए जानते हैं..

कृषि वैज्ञानिक ले रहे खेतों का जायजा | Sugarcane Cultivation Tips

मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक खेतों का लगातार दौरा कर रहे हैं और गन्ने की फसल की सेहत का जायजा ले रहे है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे सर्वे के मुताबिक इस तेज धूप और कम नमी के कारण गन्ने की फसल में बेधक कीटों और कंडुआ जैसी बीमारियों का अंदेशा काफी बढ़ गया है।

इस मौसम के कारण सबसे अधिक प्रभावित फसल वह हो रही है, जो देर से बोई गई थीं अर्थात देर से बोई गई गन्ने की फसल पर मौसम की इस मार का असर साफ दिखाई दे रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान इस नाजुक वक्त में थोड़ी सी मुस्तैदी दिखाएं और वैज्ञानिकों के बताए तरीकों पर अमल करें, तो फसल को किसी भी तरह के बड़े नुकसान से आसानी से बचाया जा सकता है। : Sugarcane Cultivation Tips

सबसे ज्यादा ‘जड़ बेधक कीट’ का हो रहा हमला

Sugarcane Cultivation Tips | कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक जून की गर्मियों के इस सूखे मौसम में गन्ने की फसल पर ‘जड़ बेधक कीट’ का हमला सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। अक्सर किसान इसे गलती से अंकुर बेधक समझ बैठते हैं, लेकिन इसकी पहचान का एक बेहद आसान और पक्का तरीका है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि अंकुर बेधक लगने पर जब गन्ने की सूखी हुई बीच की पत्ती यानी गोफ को ऊपर खींचा जाता है, तो वह फौरन हाथ में आ जाती है। मगर, जड़ बेधक की सूरत में गोफ सूखने के बाद भी आसानी से बाहर नहीं खिंचता।

कृषि वैज्ञानिकों ने आगे कहा कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसका सफेद रंग का बिना धारियों वाला लार्वा जमीन के अंदर करीब ढाई इंच नीचे जाकर तने को गोल छल्ले के आकार में काटता है। इसकी वजह से पौधे की पकड़ जमीन में मजबूत तो रहती है, लेकिन नीचे से खुराक मिलना बंद हो जाती है और धीरे-धीरे पूरा पौधा सूखकर दम तोड़ देता है। | Sugarcane Cultivation Tips

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वैज्ञानिकों के मुताबिक तेज धूप गर्मी और उमस के कारण इस किट को अनुकूल माहौल मिल जाता है। ऐसे माहौल में इस खतरनाक कीट की अमूमन तीन पीढ़ियां देखने को मिलती हैं। इसकी मादा तितली पत्तियों पर मोम जैसे छोटे-छोटे गुलाबी रंग के रसीले अंडे देती है, जो पूरी पत्ती पर बिंदियों की शक्ल में बिखरे रहते हैं। अंडों से निकलने वाली सूंड़ी का जीवनकाल 23 से 43 दिनों का होता है और यही वो वक्त है जब यह बलुई या हल्की सूखी मिट्टी वाले खेतों को सबसे ज्यादा तबाह करती है। : Sugarcane Cultivation Tips

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‘जड़ बेधक कीट’ से बचाव के लिए यह करें किसान

Sugarcane Cultivation Tips | कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि जड़ बेधक कीट से फसल को बचाने के लिए किसानों को दोतरफा उपाय अपनाना चाहिए। किसानों को चाहिए कि वे बलुई मिट्टी वाले खेतों को ज्यादा दिनों तक सूखा न रखें और वक्त-वक्त पर हल्की सिंचाई करके नमी बरकार रखें। साथ ही नर तितलियों को फंसाने के लिए खेत में फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप का इस्तेमाल करें। इसके अलावा अगर नुकसान ज्यादा हो तो रासायनिक इलाज के तौर पर इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एस.एल. की 200 मिलीलीटर मात्रा को 750 लीटर पानी में घोलकर गन्ने की जड़ों के पास ड्रेंचिंग करें और तुरंत पानी लगा दें।

‘सैनिक कीट’का भी बढ़ा प्रकोप | Sugarcane Cultivation Tips

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि इस समय गन्ने की पेड़ी या बावक फसल में सिर्फ ‘सैनिक कीट’ देखा गया है, जो पत्तियों को कुतरकर खाता है। यह भूरे रंग का कीड़ा दिन में गन्ने की गोफ या सूखी पत्तियों में छिपा रहता है और रात या सुबह-शाम के वक्त बाहर निकलकर पत्तियां चबाता है। पीड़ित पौधों पर इसका मल साफ देखा जा सकता है

‘सैनिक कीट’ से बचाव के लिए यह करें

Sugarcane Cultivation Tips | कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक ‘सैनिक कीट’ के सफाए के लिए प्रोफेनोफॉस + साइपरमेथ्रिन 44% या क्लोरोपायरीफॉस + साइपरमेथ्रिन 55% के तैयार मिक्चर का 300 मिलीलीटर प्रति एकड़, अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एस.एल. का 80 से 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।

किसान साथी लगातार करें अपने खेतों की निगरानी

Sugarcane Cultivation Tips | कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि कीटों के अलावा इस चढ़ते पारे में गन्ने की कुछ किस्मों जैसे को. 0238, को.शा. 13235 और को.शा. 13231 में कंडुआ रोग के काले कीड़े जैसे लक्षण भी कहीं-कहीं देखे गए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का साफ कहना है कि कंडुआ का असर अभी बहुत कम है। इसलिए किसानों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। इसके बावजूद अगर खेत में ऐसा कोई बीमार पौधा दिखे तो उसे सावधानी से काटकर निकाल दें और किसी अच्छे फफूंदनाशककी 1 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी के हिसाब से मिलाकर छिड़काव कर दें।

वैज्ञानिकों ने सभी किसानों सलाह दी है कि वे जून के इस बेहद नाजुक महीने में रोजाना सुबह और शाम अपने खेतों की सामान्य निगरानी जरूर करें। : Sugarcane Cultivation Tips

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