अगस्त में प्याज की खेती के लिए जून-जुलाई में ही वैज्ञानिक तरीके से करें नर्सरी की तैयारी, देखें पूरी जानकारी..

प्याज की नर्सरी के लिए जून-जुलाई में करें बिजाई, अच्छी कमाई के लिए कौन-कौन से वैज्ञानिक तरीके Onion Nursery Advise अपनाए, जानिए..

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Onion Nursery Advise | देश में प्याज की खेती रबी एवं खरीफ दोनों सीजन में की जाती है। प्याज की खेती अब केवल एक पारंपरिक फसल नहीं, बल्कि किसानों के लिए मुनाफे का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। बाजार में इसकी लगातार बढ़ती मांग और वर्तमान में रबी प्याज के भंडारण में बेमौसम बरसात के कारण हो रहे नुकसान ने खरीफ प्याज की अहमियत और बढ़ा दी है। यही कारण है कि कई किसान परंपरागत खेती की बजाय प्याज की खेती करना पसंद करने लगे हैं।

प्याज की खेती के लिए जून-जुलाई का महीना महत्वपूर्ण होता है। अगस्त, सितंबर, अक्टूबर माह में प्याज की फसल लगाने के लिए इस समय नर्सरी डालना उचित रहता है। नर्सरी यदि वैज्ञानिक तरीके से लगाई जाए तो पौध अच्छी तैयार होती है और अच्छा फायदा मिलता है। कृषि वैज्ञानिकों में नर्सरी को लेकर किसानों के लिए एडवाइस जारी की है, Onion Nursery Advise आईए देखते हैं डिटेल..

खरीफ सीजन की प्याज देगी अच्छा फायदा

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि किसान प्याज की नर्सरी के लिए जून-जुलाई में करें बिजाई कर दें। 55 दिनों में (करीब 2 माह) में पौधे तैयार हो जाएगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि सितंबर-अक्टूबर तक प्याज की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है, ऐसे में खरीफ सीजन में प्याज लगाने वाले किसान भाई बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। Onion Nursery Advise

राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएच

आरडीएफ), सलारू (करनाल) के केंद्र प्रमुख डॉ. आलोक सिंह के अनुसार, फसल की सफलता की नींव नर्सरी से ही पड़ती है। अच्छी गुणवत्ता वाली फसल के लिए किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए स्वस्थ नर्सरी तैयार करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। Onion Nursery Advise

अगस्त में तैयार हो जाएंगी पौध

खरीफ प्याज के लिए नर्सरी तैयार करने का सबसे उपयुक्त समय है। इसके लिए बीज की मात्रा एक एकड़ क्षेत्र में प्याज की रोपाई के लिए लगभग 4 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। Onion Nursery Advise

बुआई के बाद लगभग 50 से 55 दिनों में पौध रोपाई के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाती है। जिन किसानों ने फरवरी में बीज से गठियां तैयार की हैं, वे अगस्त में सीधे इनका उपयोग कर सकते हैं। प्रति एकड़ 4 से 5 किलो बीज से उगाई गई गठियों की आवश्यकता होती है।

एनएचआरडीएफ से लें उन्नत बीज

राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, सलारू ने खरीफ सीजन के लिए उच्च कोटि की उन्नत किस्में विकसित की हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है- एग्रीफाउन्ड डार्क रेड (एडीआर)। एनएचआरडीएफ के 883 (नई किस्म ) 1,800 रुपए। इच्छुक किसान सलारू स्थित केंद्र से संपर्क कर इन प्रमाणित और उन्नत किस्मों का बीज प्राप्त कर अपनी फसल को बेहतर बना सकते हैं। Onion Nursery Advise

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